जेनेवा, एएनआइ। मानवाधिकार परिषद के 45 वें सत्र के राइट टू रिप्लाई के दौरान जेनेवा में भारत के स्थायी मिशन ने तुर्की को भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी नहीं करने की सलाह दी है। दरअसल, मानवाधिकार परिषद ने तुर्की को जम्मू कश्मीर मुद्दे पर टिप्पणी नहीं करने की सलाह दी है।

स्थायी मिशन के प्रथम सचिव पवन बढ़े (Pawan Badhe) ने कहा ,"हम जम्मू-कश्मीर के संघ राज्य क्षेत्र के लिए इस्लामिक सहयोग संगठन द्वारा किए गए संदर्भ को अस्वीकार करते हैं।" उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और हम तुर्की को इस पर टिप्पणी करने से बचने की सलाह देते हैं।

इसके अलावा पवन बढ़े ने पाकिस्तान की जमकर लताड़ लगाई है। उन्होंने कहा कि अपने हितों को पूरा करने के लिए पाकिस्तान झूठी और मनगढ़त कहानियां बनाकर भारत को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता है और यह उसकी पुरानी आदत है। उन्होंने कहा कि पाक ने अल्पसंख्यकों पर बहुत अत्याचार किए हैं।

उन्होंने कहा कि मानवाधिकारों को लेकर भारत या किसी अन्य देश को ऐसे देश के भाषण सुनने की जरूरत नहीं है जिसने लगातार अपने जातीय और धार्मिक अल्पसंख्यकों पर अत्याचार किया है। जो आतंकवाद का एक केंद्र है। बढ़े ने आगे कहा कि बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा और सिंध में पाकिस्तान के अधीनस्थ लोगों की दुर्दशा को अच्छी तरह से देखा जा सकता है। यहां एक भी दिन ऐसा नहीं गया है जब बलूचिस्तान में किसी परिवार को यह पता ना चला हो कि उनका कोई सदस्य पाक के सुरक्षा बलों द्वारा अपहृत किया गया है।

 

Posted By: Neel Rajput

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