नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो] । बेरोजगारी की बढ़ती चुनौती के बीच वैसे भी सरकार की कोशिश ज्यादा से ज्यादा लोगों को हुनरमंद बनाने की है, ताकि वह अपना खुद कोई काम-धंधा शुरु कर सकें। नए बजट में अब अपनी इसी सोच को वह आगे बढ़ाते हुए दिख रही है।

इसके तहत लोगों को कौशल विकास का प्रशिक्षण देने के लिए एक डिजिटल प्लेटफार्म तैयार करने की घोषणा की गई है। इसके जरिये कोई भी व्यक्ति घर बैठे ही नए हुनर (स्किल) सीख सकता है या फिर अपने मौजूदा हुनर को तेजी से बदलते तकनीकी के इस दौर में निखार भी सकता है। आनलाइन शिक्षा के दौर में आनलाइन प्रशिक्षण इस क्षेत्र के लिए बड़ी पहल मानी जा रही है।

वित्तीय वर्ष 2022-23 के पेश किए गए बजट में सरकार ने कौशल विकास के पूरे ढांचे को तात्कालिक जरूरत के लिहाज से तैयार करने की दिशा में भी पहल की है। इसके तहत उद्योगों की जरुरत को ध्यान में रखते हुए आने वाले दिनों में नेशनल स्किल क्वालीफिकेशन फ्रेमवर्क ( एनएसक्यूएफ ) को नए सिरे से तैयार किया जाएगा। इस काम में उद्योगों और कौशल विकास से जुड़ी एजेंसियों की भी मदद ली जाएगी। सरकार इसे लेकर अपनी दूरदर्शिता सामने लाई है।

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में भी सरकार ने वर्ष 2025 तक स्कूलों और उच्च शिक्षा से जुड़े करीब 50 प्रतिशत छात्रों को हुनरमंद बनाने का लक्ष्य रखा है। सरकार की इस पहल से निश्चित ही कौशल विकास के इन लक्ष्यों को हासिल करने में मदद मिलेगी। सरकार ने बजट में ड्रोन शक्ति को विस्तार देने को लेकर भी एक बड़ा ऐलान किया है। इसके तहत सभी राज्यों के चुनिंदा आइटीआइ (इंडस्ट्रीयल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट) में इससे जुड़े कोर्स शुरू करने का एलान किया है।

यह पहल ऐसे समय की गई है, जब ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल अलग-अलग क्षेत्र से जुड़ी सेवाओं में बढ़ा है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस क्षेत्र में इससे जुड़े विशेषज्ञों की भी मांग बढ़ेगी। ऐसे में यह क्षेत्र भी रोजगार देने वाला एक बड़ा क्षेत्र बनकर उभरेगा। फिलहाल सरकार की कोशिश है कि स्कूल या उच्च शिक्षण संस्थानों से जो भी पढ़कर निकले वह कम से कम किसी एक क्षेत्र में हुनरमंद हो।

Edited By: Monika Minal

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