Explainer: ट्रंप ने अचानक ईरान पर क्यों रोक दिए हमले? हथियारों की कमी या कोई और वजह
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण का दावा किया और अमेरिका से शांति वार्ता से इनकार किया, जबकि ट्रंप ने दो हफ्ते की बमबारी रोकी।

ट्रंप ने अचानक ईरान पर क्यों रोक दिए हमले। (रॉयटर्स)
HighLights
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण का दावा किया, शांति वार्ता से इनकार।
ट्रंप ने दो हफ्ते बाद ईरान पर बमबारी रोक दी।
अमेरिकी हमले रुकने से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई।
जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। ईरान ने सोमवार को दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट पर अब भी उसी का नियंत्रण है और अमेरिका के साथ शांति वार्ता फिर से शुरू करने का कोई इरादा नहीं है। यह बयान ऐसे समय आया है, जब दो दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की ओर से लगातार दो हफ्ते से जारी बमबारी रोक दी गई।
ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों ने कहा कि राष्ट्रपति ने फिलहाल ईरान पर हमले बढ़ाने की योजना से पीछे हटने का फैसला किया है। इस बीच, सऊदी अरब, जॉर्डन और इराक ने ड्रोन हमलों की जानकारी दी। इन हमलों से जाहिर होता है कि ईरान ट्रंप की बमबारी रोकने की नीति की परीक्षा ले रहा है।
अमेरिका ने ईरान पर हमले रोके
रॉयटर्स के अनुसार, अमेरिकी सेना ने लगातार तेरह रातों के दौरान ईरान पर जमकर बमबारी की। इसके जवाब में ईरान ने कई खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाकर हमले किए। ट्रंप ने सप्ताहांत में इस अभियान को रोक दिया। इस पर ईरान ने भी अमेरिकी कार्रवाई बंद रहने तक हमले नहीं करने की बात कही है।
कच्चे तेल की कीमत में गिरावट
अमेरिकी बमबारी रुकने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में गिरावट आई है। पिछले हफ्ते इसकी मूल्य 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया था। सोमवार को इसका मूल्य आठ प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट के साथ 89 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया। हालांकि सोमवार के हमलों से जाहिर होता है कि तेहरान संभवत: नए युद्धविराम की परीक्षा ले रहा है।
जॉर्डन ने दो ड्रोन मार गिराने की जानकारी दी, जबकि इराकी सुरक्षा सूत्रों ने कहा कि ड्रोन से उत्तरी इराक में ईरानी कुर्द विपक्षी लड़ाकों के एक ठिकाने पर हमला किया गया। इन दोनों हमलों में किसी नुकसान की खबर नहीं है। सऊदी अरब ने भी ईरान समर्थित मिलिशिया की ओर से किए गए ड्रोन हमले को विफल कर दिया।
ईरान ने कूटनीति का रास्ता नहीं छोड़ा- बघाई
जबकि ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ईरान, अमेरिका के साथ शांति वार्ता बहाल करने की मांग नहीं कर रहा। दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थों के जरिये संदेशों का आदान-प्रदान जारी है। ईरान ने कूटनीति का रास्ता नहीं छोड़ा है।
उन्होंने अमेरिका के साथ वार्ता के आग्रह की खबर को मनगढ़ंत करार दिया है। उन्होंने कहा, "यह हमारे डीएनए में नहीं है।" तेहरान ने यह संकेत दिया कि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण जलमार्ग होर्मुज पर उसी का नियंत्रण है। ईरानी मीडिया ने बताया कि छह जहाजों को वापस भेज दिया गया, क्योंकि वे तेहरान की अनुमति के बिना होर्मुज से निकलने की कोशिश कर रहे थे।
इधर, एक अमेरिकी अधिकारी और कई मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, होर्मुज पर ईरान के नियंत्रण को खत्म करने के इरादे से शुरू किए गए हमले को निलंबित करने का निर्णय उनके सैन्य सलाहकारों की सलाह को दर्शाता है। अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि सैन्य कमांडरों ने राष्ट्रपति को बताया कि उनके पास लक्ष्य समाप्त हो रहे हैं। ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ जनरल डेन केन ने गोला-बारूद की कमी को लेकर चिंता जताई है।
ट्रंप ने गोला-बारूद की कमी को खारिज किया
एएनआई के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने रविवार को उन बढ़ती चिंताओं को खारिज कर दिया कि गोला-बारूद का भंडार खतरनाक रूप से निम्न स्तर पर पहुंच गया है। उन्होंने उन खबरों का खंडन किया कि ईरान के साथ युद्ध में इंटरसेप्टर की कमी अमेरिकी सैन्य रणनीति सीमित कर रही है।
वॉल स्ट्रीट जर्नल को दिए एक बयान में ट्रंप ने गोला-बारूर की कमी के दावों को खारिज किया और कहा, "हमारे पास दुनिया में किसी भी अन्य देश की तुलना में कहीं अधिक गोला-बारूद हैं और हमारी जरूरत से भी बहुत ज्यादा हैं।"
ईरान युद्ध रोकने के प्रयास में जुटे हैं मध्यस्थ
एपी के अनुसार, क्षेत्रीय अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि मध्यस्थों ने अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध रोकने और वार्ता की टेबल पर उन्हें फिर से वापस लाने के प्रयासों में प्रगति हासिल की है। क्योंकि दोनों पक्षों ने पिछले दो सप्ताह से जारी युद्ध को रोक दिया है।
पिछले दो दिनों में दोनों ओर से किसी नए हमले की जानकारी नहीं दी गई है। जबकि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि वह ट्रंप की कोशिशों का पूरा समर्थन करते हैं।
यूक्रेन के हमले का दिया जाएगा जवाब
आईएएनएस के मुताबिक, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि कैस्पियन सागर में एक ईरानी कमर्शियल जहाज पर यूक्रेन के हमले का जरूर जवाब दिया जाएगा।
उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलादिमीर जेलेंस्की पर आरोप लगाया कि उन्होंने इजरायल के कहने पर यूएन चार्टर का खुला उल्लंघन करते हुए यह हमला कराया। इस बीच, अराघची ने ईरानी जहाज पर यूक्रेन के हमले को लेकर रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से फोन पर बातचीत की। दोनों ने हमले की निंदा की। यह हमला शनिवार को किया गया था और एक नाविक की मौत हुई थी।
