नई दिल्ली, जेएनएन। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार तीन तलाक पर रोक लगाने वाले मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक-2018 लोकसभा में चर्चा के लिए रखेगी। इसके लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों बड़ी पार्टियों ने अपने सांसदों को व्हिप जारी किया है। मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक के खौफ से मुक्ति दिलाने के लिए यह विधेयक मील का पत्थर साबित हो सकता है।

केंद्र सरकार की कोशिश है कि इसी सत्र में इस विधेयक को पास करवाकर इसे कानूनी रूप दिया जाए। अगर सरकार दोनों सदनों में इस बिल को पास करवाने में सफल हो जाती है तो यह पहले से जारी अध्यादेश की जगह लेगा। बता दें कि लोकसभा में पहले ही यह विधेयक पेश किया जा चुका है और गुरुवार को इस पर चर्चा होनी है।

बिल में क्या संशोधन किए गए

  • मजिस्ट्रेट को जमानत देने का अधिकार
  • अब मजिस्ट्रेट के सामने समझौते का विकल्प होगा
  • महिला या सगा रिश्तेदार केस दर्ज करा सकते हैं

बता दें कि लोकसभा एक बार पहले ही इस बिल को पास कर चुकी है, लेकिन राज्यसभा ने इस बिल को वापस लौटा दिया था। अब इस बिल को एक बार फिर लोकसभा से पास कराना होगा, जिसके बाद इसे पास होने के लिए फिर से राज्यसभा में भेजा जाएगा। संभव है कि लोकसभा में बहस से बाद वोटिंग भी हो।

तीन तलाक विधेयक पर कई सवाल भी उठते रहे हैं। कई नेता मुखर होकर इस विधेयक का विरोध करते हैं। जो लोग तीन तलाक के खिलाफ आ रहे इस विधेयक का विरोध करते हैं, वे एक बार गुस्से में एक साथ तीन तलाक के इन मामलों की तरफ जरूर गौर फरमाएं...

  • शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश - दूसरी शादी के लिए तीन तलाक
  • बरेली, उत्तर प्रदेश - चाय ज्यादा मीठी होने पर तीन तलाक
  • भोपाल, मध्य प्रदेश - काली चाय देने पर तीन तलाक
  • रामपुर, उत्तर प्रदेश - देर से सोकर उठने पर तीन तलाक
  • गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश - देर से चाय बनने पर तीन तलाक
  • महोबा, उत्तर प्रदेश - रोटी जल गई तो पत्नी को तलाक दिया
  • औरंगाबाद, महाराष्ट्र - मामूल बहस होने पर व्हाट्सएप के जरिए तीन तलाक
  • गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश - पसंद की सब्जी न बनने पर तलाक

Posted By: Digpal Singh

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप