नई दिल्ली, आइएएनएस। चीन के साथ लगती सीमा पर तनाव बरकरार है और फिलहाल इसके खत्म होने की कोई उम्मीद भी नहीं दिख रही है। यही नहीं, चीनी सेना की जो तैयारी है उससे तो लगता है कि आने वाले दिनों में तनाव और बढ़ सकता है। चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी यानी पीएलए ने सीमा पर नए तरह के वाहन तैनात किए हैं जिससे हर क्षेत्र में आना जाना सुगम होगा और वह पठारी इलाकों में तैनात आपने सैनिकों तक रसद और अन्य साजो सामान पहुंचा सकेगी।

चीन की कम्युनिस्ट सरकार के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ने भी सीमा पर तनाव बढ़ने की बात कही है। इसके लिए उसने भारत को ही जिम्मेदार ठहराने की कोशिश की है। अखबार का कहना है कि भारत की अनुचित मांग के चलते दोनों देशों के बीच 13वें दौर की सैन्य कमांडर स्तर की बातचीत विफल रही।

ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक कई चीनी विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि चीन को भारत की संभावित सैन्य आक्रामकता से निपटने के लिए तैयार रहना चाहिए। विशेषज्ञों ने यह भी कहा है कि भारत संघर्ष के नए दौर के लिए खुद को तैयार कर रहा है।

इन वाहनों को शिंजियांग सैन्य कमांड के तहत तैनात किया गया है। इस कमांड की तरफ से उसके वीचैट अकाउंट पर जारी की गई जानकारी के मुताबिक दुरूह और पठारी क्षेत्रों में तैनात यूनिट के ये वाहन दिए गए हैं। उन इलाकों में भारी ठंड पड़ती है और आक्सीजन की भी कमी हो जाती है।

चालबाज चीन को लेकर एलएसी पर भारत ने तैनात की विमानभेदी तोपें

वहीं, दूसरी ओर पिछले दिनों चीन की ओर से तैयारियों को देखते हुए भारत ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के नजदीक के पहाड़ों पर अत्याधुनिक एल 70 विमानभेदी तोपें तैनात कर दी हैं। यह तैनाती इलाके में की गई 40 किलोमीटर की दूरी तक मार करने वालीं एम-777 हावित्जर तोपों और स्वीडन की बोफोर्स तोपों के अतिरिक्त की गई है। इस लिहाज से भारत ने भी चीन सीमा पर अपना मोर्चा सजा लिया है।

Edited By: Dhyanendra Singh Chauhan