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AI से पकड़े जाएंगे स्पैम कॉलर्स, TRAI का टेलीकॉम कंपनियों का सख्त निर्देश; फर्जी नंबर पाए जाने पर सभी कनेक्शन होंगे बंद

Published: Tue, 29 Sep 2026 05:25 AM (IST)

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने टेलीकॉम कंपनियों को एआई-आधारित सिस्टम का उपयोग कर स्पैम कॉलर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

शिकायत के बिना भी AI की मदद से स्पैम कॉल पर लगेगी लगाम

शिकायत के बिना भी AI की मदद से स्पैम कॉल पर लगेगी लगाम

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे उपभोक्ता की शिकायत का इंतजार किए बिना अपने एआई-आधारित सिस्टम द्वारा पहचाने गए स्पैम नंबरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।

ट्राई की ओर से सोमवार को जारी अधिसूचना में कहा गया है कि टेलीकॉम ऑपरेटरों को स्पैम काल पकड़ने के लिए एआइ का उपयोग करना होगा। यदि कोई इनकमिंग कॉल 'सस्पेक्टेड स्पैम' के रूप में चिह्नित होती है, तो टेलीकाम ऑपरेटर को दो घंटे के भीतर उस कंपनी से विवरण साझा करना होगा, जहां से कॉल आई है।

ट्राई के अनुसार, टेलीकॉम ऑपरेटर को स्पैम काल करने वाले का केवाईसी फिर से शुरू करना होगा। अगर यह पाया जाता है कि पिछले 10 दिनों में सेंडर के पांच या उससे ज्यादा सीएलआई (लाइन आइडेंटिफिकेशन) की पहचान की गई है, तो सभी संबंधित ऑपरेटर को उसके खिलाफ कार्रवाई करनी होगी।

सीएलआई कॉल करने वाले का मूल फोन नंबर होता है, जो नेटवर्क द्वारा आगे भेजा जाता है। नियम तोड़ने पर कार्रवाई में फोन कनेक्शन काटना और सरकारी एजेंसियों के पास शिकायत दर्ज कराना शामिल है। सभी टेलीकॉम ऑपरेटरों को एक दिन के अंदर अपने सिस्टम में यह चेक करना होगा कि पिछले 10 दिनों में उनके नेटवर्क में संदिग्ध स्पैमर से जुड़े दूसरे कनेक्शन तो नहीं हैं।

(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)