नई दिल्‍ली, जेएनएन। हरियाणा की यूं तो हर विधानसभा सीट ही काफी अहम है लेकिन यदि कुछ खास सीटों की बात की जाए तो इसमें एलनाबाद का जिक्र करना जरूरी हो जाता है। एलनाबाद (Ellenabad Assembly Seat) को पहले खरियाल के नाम से जाना जाता था। यह सीट सिरसा जिले में आती है। यह एक ऐसी सीट है जिसपर इंडियन नेशनल लोकदल (Indian National Lok Dal/INLD) का काफी समय से कब्‍जा रहा है।

इस बार भी यह सीट इनेलो के कब्‍जे में गई है। आपको बता दें कि INLD ने इस सीट पर वर्ष 2000 से कोई चुनाव नहीं हारा है। दस वर्ष पहले इस सीट से अभय कुमार चौटाला (Abhay Chautala vs Pawan Beniwal) ने उप चुनाव में जीत दर्ज की थी। 2014 में हुए विधानसभा चुनाव में उन्‍होंने दोबारा इसी सीट से जीत का परचम लहराया था। उस वक्‍त उन्‍होंने भाजपा के पवन बेनिवाल को शिकस्‍त दी थी। इस बार भी यही दोनों आमने-सामने थे। इस बार चौटाला ने बेनिवाल को 11 हजार से अधिक मतों से शिकस्‍त दी है। 

एलनाबाद विधानसभा सीट के लिए हो रही मतगणना के शुरुआती दौर में अभय चौटाला पीछे चल रहे थे।लेकिन बाद में उन्‍होंने अपने प्रतिद्वंदी पर जबरदस्‍त बढ़त हासिल कर ली, जो अंत तक कायम रही। आपको बता दें कि इस हरियाणा में इस बार 63.55 फीसद मतदान हुआ है। 

जिस एलनाबाद सीट पर INLD का बीते एक दशक से कब्‍जा रहा है वहां वर्ष 2014 के चुनाव में इस विधानसभा 206972 वोटर थे, जिसमें 1,09,030 पुरुष और 97,942 महिला वोटर थीं। वर्ष 2014 में भाजप ने हरियाणा विधानसभा की 47 सीट जीत कर राज्‍य में सरकार बनाई थी। वहीं उस समय कांग्रेस को महज 15 और आईएनएलडी को 19 सीटें मिली थीं।  आपको यहां पर एक अहम चीज की जानकारी और दे देते हैं। अभय चौटाला पर दो आपराधिक मामले चल रहे हैं जबकि पवन पर कोई मामला दर्ज नहीं है। 

इस विधानसभा सीट के नामकरण की कहानी भी बड़ी मजेदार है। एलनाबाद को सिरसा के कमिश्‍नर ने बसाया था। उनका नाथ जेएच ऑलिवर था। उनकी पत्‍नी मैडम ऐलना ने तब के खरियाल में अपने बच्‍चे को जन्‍म दिया था। इसके बाद ऑलिवर ने इसका नाम बदलकर एलनाबाद कर दिया था। 

 

Posted By: Kamal Verma

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