मुबंई [जासं]। महाराष्ट्र के टोल नाकों पर तोड़फोड़ कर रहे महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना [मनसे] पर राज्य सरकार का रुख अभी भी नरम है। नई टोल नीति भी सरकार अभी घोषित नहीं कर सकी है लेकिन मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चह्वाण ने सड़कों से टोल टैक्स व्यवस्था जारी रखने के संकेत दिए हैं। शिव सेना ने मनसे की इस तोड़फोड़ की कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बतया है।

उम्मीद की जा रही थी कि राज्य सरकार बुधवार को नई टोल नीति घोषित करने के साथ ही टोल नाकों पर तोड़फोड़ कर रहे मनसे कार्यकर्ताओं पर ठोस कार्रवाई के संकेत देगी। राज्य मंत्रिमंडल की बुधवार की बैठक में नई टोल नीति लागू करने को लेकर कोई फैसला नहीं हो सका। दूसरी ओर टोल नाकों पर तोड़फोड़ कर रहे मनसे कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई के सवाल पर भी मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चह्वाण प्रेस से बचते नज़र आए। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि कोई कानून हाथ में लेकर सरकार को बाध्य नहीं कर सकता। उनके अनुसार तोड़फोड़ की रिपोर्ट दर्ज होने पर उचित कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि टोल न देने और टोल नाकों पर तोड़फोड़ के लिए अपने कार्यकर्ताओं को उकसाने के लिए मनसे प्रमुख राज ठाकरे पर मंगलवार को ही एक मामला दर्ज हुआ है।

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शिवसेना के मुखपत्र सामना के बुधवार के संपादकीय में भी सरकार पर आरोप लगाया गया है कि कांग्रेसनीत सरकार टोल नाकों पर हो रहे मनसे के उत्पात को जारी रखना चाहती है ताकि उसे मराठी मतों में बंटवारे का लाभ मिल सके। संपादकीय में राज ठाकरे को बरसाती चिड़िया बताते हुए टोल न देने का एजेंडा शिवसेना से छीनने का आरोप लगाया गया है। महाराष्ट्र कैबिनेट की बैठक में मुंबई में बिजली की दरें कम करने पर भी कोई फैसला नहीं हो सका। मुख्यमंत्री का कहना है कि इस संबंध में अभी तक दो बैठकें हो चुकी हैं।

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