नई दिल्ली [जागरण स्पेशल]। साफ-सफाई को जब तक संस्कार के रूप में नहीं अपनाएंगे तब तक बात नहीं बनेगी। अधिकतर लोग अपने घर या कार्यालय को ही साफ-सुथरा रखना अपनी जिम्मेदारी समझते हैं। यदि माहौल बदलना है तो पहले मानसिकता बदलनी होगी। यदि पड़ोस में गंदगी है तो उससे आप नहीं बच सकते। बीमारी आपके घर तक भी पहुंचेगी। लिहाजा अपने आसपास भी सफाई की आवश्यकता है।

साफ-सफाई के अभाव और प्रदूषण के चलते कैंसर जैसी बीमारी तेजी से बढ़ती जा रही है। मौसम बदलते ही मलेरिया, वायरल एवं डेंगू का प्रकोप बढ़ जाता है। अधिकतर परिवार सभी सदस्यों को मिलाकर साल में कई महीने बीमारियों से ही जूझते हैं। ऐसी स्थिति में तेजी से विकास कैसे होगा? देश को तेजी से तरक्की के रास्ते पर लाने के लिए स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत की सोच को अपनाना होगा। सरकार केवल जागरूकता कार्यक्रम ही न चलाए बल्कि साधन भी उपलब्ध कराए।

जहां गंदगी की वजह से क्या-क्या परेशानी पैदा हो रही है, इस बारे में लोगों को अहसास कराने की आवश्यकता है वहीं कूड़े के निस्तारण के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी। सरकार सुविधाएं उपलब्ध कराकर आगे की जिम्मेदारी सामाजिक संगठनों खासकर आरडब्ल्यूए को सौंपे। आरडब्ल्यूए घर-घर से कूड़ा उठवाकर निर्धारित जगह तक पहुंचाए। इसके लिए शहर से लेकर गांव में कमेटी बनाई जाए। कमेटी न केवल कूड़े को निर्धारित जगह तक पहुंचाने की व्यवस्था करेगी बल्कि लोगों को जागरूक भी करेगी।

काफी लोग प्लास्टिक के सामान कहीं भी फेंक देते हैं। इससे पानी प्रदूषित होता है। कहने का अभिप्राय यह है कि आपको खुद की वजह से ही प्रदूषित पानी पीना पड़ता है। इससे भी कई तरह की बीमारियां पैदा हो रही हैं। देश में किसी भी चीज की कमी नहीं है। आवश्यकता है हर स्तर पर अनुशासन दिखाने की। जिस तरह से हम अपने घर में गंदगी नहीं फैलाते हैं उसी तरह हर जगह का ध्यान रखें, कहीं भी गंदगी नहीं दिखाई देगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दिशा में काफी प्रयास कर रहे हैं। इस देश को सुंदर बनाने के लिए सबसे पहले स्वच्छता के ऊपर ध्यान देना होगा। जब स्वच्छता के ऊपर ध्यान देंगे फिर कमाई का अधिकतर पैसा चिकित्सा के ऊपर खर्च नहीं होगा। जब पैसे बचेंगे फिर जीवन में खुशहाली बढ़ेगी। पैसे बचेंगे तो उसका इस्तेमाल शिक्षा सहित कई क्षेत्र में बेहतर तरीके से कर सकेंगे। संकल्प लें कि न गंदगी फैलाएंगे और न ही दूसरों को फैलाने देंगे यानी दूसरों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करेंगे।

आज लगभग 40 प्रतिशत लोग गंदगी की वजह से बीमार होते हैं। उनकी कमाई का अधिकतर हिस्सा इलाज में खर्च होता है। इस वजह से उनका विकास प्रभावित होता है।

- डॉ. नरेश त्रेहन, सीएमडी,

मेदांता मेडिसिटी, गुरुग्राम 

Posted By: Sanjay Pokhriyal