नई दिल्ली। पासपोर्ट रखना और विदेश भ्रमण पर जाना हर भारतीय नागरिक का मौलिक अधिकार है। यह कहते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र को उस व्यक्ति को नया पासपोर्ट जारी करने का निर्देश दिया जिसका पासपोर्ट पहले तीन बार खो चुका है।

जस्टिस मनमोहन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने विकास नाम के व्यक्ति की याचिका पर विदेश मंत्रालय और संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को उसे नया पासपोर्ट जारी करना का निर्देश दिया। साथ ही खंडपीठ ने विकास को पासपोर्ट रखने के प्रति लापरवाही बरतने के लिए लोकनायक जय प्रकाश नारायण अस्पताल को दान के रूप में 50,000 रुपये देने को भी कहा।

याचिकाकर्ता की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने कहा कि पासपोर्ट रखना और विदेश भ्रमण पर जाना हर भारतीय नागरिक का मौलिक अधिकार है। याचिकाकर्ता के मुताबिक वह अपना तीन पासपोर्ट खो चुका है तब उसके क्षेत्रीय कार्यालय से उसे चौथा पासपोर्ट जारी किया गया लेकिन उसने क्षतिग्रस्त स्थिति में उस पासपोर्ट को कार्यालय को वापस कर दिया। विकास का कहना था कि उसने जानबूझ कर अपने पासपोर्ट नहीं खोए और न ही उसे क्षतिग्रस्त किया। इन पासपोर्ट के सहारे उसने कई देशों की यात्रा की।

विदेश मंत्रालय ने यह कहते हुए विकास की याचिका का विरोध किया कि वह एक बहुमूल्य सरकारी दस्तावेज की हिफाजत करने में बार बार फेल हुआ है, लेकिन कोर्ट ने विदेश मंत्रालय की बात को अस्वीकार कर दिया।

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