नई दिल्ली(जेएनएन)। जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मौलाना मसूद अजहर को ग्लोबल आंतकवादी घोषित करने की कवायद चल रही है। यूएन में इसको लेकर बैठक भी होनी वाली है। यह पहली बार नहीं है, भारत इससे पहले भी मसूद को ग्लोबल आंतकवादी घोषित कराने का प्रयास कर चुका है। भारत के पास कुछ ऐसे सबूत हैं जिनके बारे में हम आपको बताएंगे।

भारत के पास है मजबूत डोजियर

इस बार भारत मजूबत डोजियर के साथ यूएन में जाएगा। भारत का डोजियर इस बात को साबित करने में सक्षम है कि जैश प्रमुख  मसूद पाकिस्तानी जमीन का इस्तेमाल आंतक फैलाने के लिए कर रहा है। डोजियर में इस बात का भी जिक्र है कि पुलवामा हमले को पाकिस्तान से ही अंजाम दिया गया है। हमले की साजिश पाकिस्तान में रची गई। डोजियर में पाकिस्तान की जमीन पर संचालित आंतकवादी ठिकानों और उनके नेटवर्क की डिटेल भी शामिल की गई है।

वीडियो और ऑडियो क्लिप

भारतीय दल के पास जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मौलाना मसूद अजहर से जुड़े कई अहम ऑडियो और वीडियो क्लिप हैं। जिसमें वह भड़काऊ भाषण दे रहा है। कुछ क्लिप में मसूद पुलवामा से जुड़े आंतकियों की तारीफ भी करता दिख रहा है। 

भारत के पास पर्चे और लेख

भारत के पास जैश प्रमुख से जुड़े कुछ लेख भी हैं। इन लेखों में उसके आंतकी संबंधों का जिक्र है। उसने अपने लेखों में आंतकियों की तारीफ भी की है। इससे उसको ग्लोबल आंतकवादी घोषित करने में सहूलियत होगी।

फोन कनेक्शन और पर्चे बनेंगे सबूत

भारत के पास कुछ फोन कनेक्शन और पर्चे भी हैं। इसके अलावा उसके कश्मीर कनेक्शन के सबूत हैं। भारत पुलवामा हमले में शामिल आंतकवदियों से भी जुड़े सबूत भी हैं। इस बार भारत को उम्मीद है कि मसूद अजहर को ग्लोबल आंतकवादी घोषित कर दिया जाएगा।

अमेरिका का समर्थन

अमेरिका ने अपने बयान में कहा कि इस मुद्दे पर वह भारत के साथ है। जैश-ए-मोहम्मद एक अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन है और मसूद अजहर को भारतीय उपमहाद्वीप में शांति के लिए खतरा है।

Posted By: Prateek Kumar

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