TMC नाम और चुनाव चिह्न विवाद: हलफनामा दायर करके के लिए सुप्रीम कोर्ट ने दोनों गुटों को दिया समय
सुप्रीम कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न विवाद में दोनों गुटों को चुनाव आयोग के समक्ष हलफनामा दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय दिया है।

TMC नाम और चुनाव चिह्न विवाद।
HighLights
सुप्रीम कोर्ट ने टीएमसी गुटों को अतिरिक्त समय दिया।
चुनाव आयोग के समक्ष हलफनामा दाखिल करने का मामला।
नाम और घास-फूल चुनाव चिह्न पर विवाद।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नाम और घास-फूल चुनाव चिह्न पर दावों के संबंध में चुनाव आयोग के समक्ष हलफनामे दाखिल करने के लिए दोनों गुटों को अतिरिक्त समय दे दिया।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने ऋतब्रत बनर्जी गुट को अपना जवाब दाखिल करने के लिए 10 दिन दिए। वहीं, ममता बनर्जी गुट को भी ऋतब्रत बनर्जी गुट के हलफनामे पर जवाब देने के लिए 10 दिन दिए। 26 अक्टूबर, 2026 चुनाव आयोग के समक्ष जवाब दाखिल करने की अंतिम तिथि थी।
ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट ने चुनाव आयोग के समक्ष जवाब दाखिल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट से दो सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा था, लेकिन ममता बनर्जी गुट ने इसका विरोध किया। पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को इस मामले पर तीन महीने में फैसला करने का निर्देश दिया था।
बंगाल में उपचुनाव के दौरान चुनाव आयोग ने दोनों गुटों को अस्थायी नाम व चुनाव चिह्न आवंटित किए थे। ममता बनर्जी गुट को ममता आल इंडिया तृणमूल कांग्रेस नाम और फुटबॉल खिलाड़ी का चुनाव चिह्न दिया गया था, जबकि बागी गुट को डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस नाम और लिफाफा चुनाव चिह्न आवंटित किया गया था।
(समाचार एजेंसी एएनआई के इनपुट के साथ)
