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भोपाल (एएनआई)। जम्‍मू कश्‍मीर की मुख्‍यमंत्री महबूबा मुफ्ती के बयान, ‘कश्‍मीर का हर युवक पत्‍थरबाज नहीं’ और राज्‍य में स्‍थिति को बदतर बनाने का आरोप मीडिया पर लगाए जाने को लेकर रक्षा विशेषज्ञ ने मंगलवार को मुख्‍यमंत्री से राज्‍य में राष्‍ट्रपति शासन लगाए जाने की मांग की क्‍योंकि घाटी की स्‍थिति नियंत्रण से बाहर हो रही है।

रक्षा विशेषज्ञ मेजर जनरल (रिटायर) एस आर सिन्‍हो ने एएनआई को बताया कि इस तरह की बयानबाजी कर मुफ्ती केवल सुरक्षा बलों को हतोत्‍साहित कर रही हैं और उन लोगों से सहानुभूति हासिल करने का प्रयास कर रही हैं जो इस तरह की गतिविधियों में संलिप्‍त हैं।

उन्‍होंने आगे कहा, ‘जम्‍मू कश्‍मीर की मुख्‍यमंत्री बनने के बाद उन्‍होंने 700 पत्‍थरबाजों को रिहा कर दिया था। मुझे लगता है कि हमने सुरक्षा बलों को हतोत्‍साहित होते देखा है, क्‍योंकि वे उचित कार्रवाई नहीं कर रही हैं। वे सुरक्षाबलों को कार्रवार्इ की अनुमति नहीं दे रही हैं। इसके विपरीत इस तरह की बयानबाजी कर वे उन्‍हें हतोत्‍साहित कर रही हैं और पत्‍थरबाजों को इस तरह की गतिविधियों के लिए बढ़ावा दे रही हैं। मेरा मानना है कि अब वक्‍त आ गया है कि वे राष्‍ट्रपति के हाथों में सरकार दे दें और घाटी में राष्‍ट्रपति शासन का सुझाव दें क्‍योंकि यहां कि स्‍थिति नियंत्रण से बाहर हो रही है।

राष्‍ट्र को अपना ध्‍यान विभिन्‍न क्षेत्रों में उपलब्‍धि हासिल करने वाले उन कश्‍मीरी युवाओं की ओर खींचते हुए मुफ्ती ने कहा कि पथराव जैसी गतिविधियों में राज्‍य के सभी युवा नहीं है। जम्‍मू कश्‍मीर में सिविल सेक्रेटेरियट के उद्घाटन समारोह के मौके पर मुख्‍यमंत्री महबूबा मुफ्ती मीडिया से बात करते हुए मुफ्ती ने कहा, ‘मैं जानती हूं कि कश्‍मीर गंभीर समस्‍या है लेकिन मुझे ऐसा नहीं लगता कि यहां कोई ऐसी दिक्‍कत है जिसे सुलझाया नहीं जा सकता।‘ उन्‍होंने आगे कहा कि यदि कश्‍मीरी युवा वर्ग पथराव कर रहा होता तो हाल में हुए परीक्षा में इतने अधिक छात्र सफल नहीं होते।

गत शनिवार को मुफ्ती ने कहा कि 70 साल पुरानी कश्‍मीर समस्‍या के हल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एकमात्र उम्‍मीद हैं। जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि कश्मीर को अगर कोई दलदल से निकाल सकता है तो वह सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही हैं।

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Posted By: Monika minal

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