नई दिल्ली। इंटरकांटिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल 'अग्नि-5' के अगले 12 महीने में तीन और परीक्षण किए जाएंगे। इसके बाद इसे सेना को सौंपा जा सकता है। इसकी मारक क्षमता पांच हजार किलोमीटर तक की है और इसकी जद में बीजिंग भी आ सकता है।

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रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा विकसित अग्नि-5 एक टन वारहेड ले जाने में सक्षम है। डीआरडीओ के एक अधिकारी ने बताया कि मिसाइल 2016 के मध्य तक सेना को सौंपने के लिए तैयार हो जाएगा। दो-तीन परीक्षण की जरूरत है जिसके बाद सेना से हरी झंडी मिलने पर यह काम पूरा हो जाएगा। सेना को सौंपने की पहले तय की गई समयसीमा पूरी नहीं हो पाईं थीं।

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उन्होंने बताया कि मिसाइल के तीन परीक्षण हो चुके हैं। 31 जनवरी को तीसरी बार इसका परीक्षण मोबाइल वाहन से किया गया था। इससे मिसाइल को कहीं से भी शार्ट नोटिस पर और कम लोगों के माध्यम से दागे जाने की सुविधा मिलेगी।

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Posted By: Kamal Verma