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मप्रः इमानदार पुलिस अधिकारी के पक्ष में उतरे हजारों लोग, कटनी बंद

Publish Date:Thu, 12 Jan 2017 01:36 AM (IST) | Updated Date:Thu, 12 Jan 2017 01:57 AM (IST)
मप्रः इमानदार पुलिस अधिकारी के पक्ष में उतरे हजारों लोग, कटनी बंद
शहर के मुख्य चौराहा सुभाष चौक पर लगभग पांच हजार लोग जुटे और एसपी गौरव तिवारी का तबादला रोकने के लिए प्रदर्शन किया।

कटनी (ब्यूरो)। मध्यप्रदेश के कटनी के इतिहास में पहली बार रहा जब जनता ने किसी पुलिस अधिकारी का तबादला रुकवाने के लिए शहर बंद रखा। सिर्फ एक आह्वान पर पूरे सन्नाटा पसर गया। व्यापारियों ने दुकानों के शटर तक नहीं खोले। शहर के मुख्य चौराहा सुभाष चौक पर लगभग पांच हजार लोग जुटे और एसपी गौरव तिवारी का तबादला रोकने के लिए प्रदर्शन किया। 20 साल पहले जबलपुर से कटनी को अलग करके जिला बनाने के लिए ऐसा ही प्रदर्शन किया गया था।

प्रदर्शनकारियों ने राज्य मंत्री संजय पाठक के इस्तीफे की भी मांग की। उधर, एसपी तिवारी का तबादला आदेश निरस्त करने और 500 करोड़ रुपए के बहुचर्चित हवाला रैकेट की जांच सीबीआई से कराने की मांग करते हुए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में जनहित याचिका लगाई गई है। सुनवाई इसी सप्ताह संभव है। दूसरी ओर गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने हवाला कारोबार की एसआईटी जांच कराने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि अगर ईडी और आईटी के पास मंत्री संजय पाठक के खिलाफ सबूत हैं तो वे कार्रवाई करें।

संघर्ष समिति और पांच दलों ने दस्तावेज जारी कर कहा-मंत्री पाठक का है हवाला कनेक्शन

गरीब के नाम से एसके मिनरल्स फर्म बनाकर खोले गए खातों से हवाला कारोबार के खुलासे के बाद बुधवार को कटनी विकास संघर्ष समिति और छह राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों ने पहली बार सामूहिक रूप से मंत्री संजय पाठक का हवाला कारोबारियों से कनेक्शन के दस्तावेज जारी किए गए। इन दलों में जदयू, कांग्रेस, सपा, आप, लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी व पिछड़ा समाज पार्टी शामिल हैं। उन्होंने दस्तावेजों के आधार पर बताया कि जिन 42 फर्मो के नाम से लेनदेन हुआ, उसमें से कुछ फर्मो के संचालक मंत्री के फर्मो में भी संचालक हैं।

हाईकोर्ट में जनहित याचिका लगाने वाले राजेश सौरभ नायक ने मिनीस्ट्री ऑफ कॉमर्स की वेबसाइट से मिली जानकारी से तैयार किए गए दस्तावेजों के आधार पर कई खुलासे किए।

ऐसे जोड़े हवाला से मंत्री के तार

एसके मिनरल्स मामले में खुलासे के दौरान 42 फर्मो के नाम सामने आए । जांच में शामिल की गई 42 फर्मों में से यूरो प्रतीक। सेल टैक्स के सीटीओ बीके मिश्रा ने बताया कि पुलिस की सूची में ये नाम शामिल हैं। यूरो प्रतीक महेन्द्र गोयनका है। मंत्री संजय पाठक की मां निर्मला पाठक और पत्नी निधि पाठक के नाम से दो फर्म अतीशा कंस्ट्रेक्शन और सायना स्टील है। इन दोनों में निर्मला और निधि के साथ महेन्द्र गोयनका डायरेक्टर बताए जा रहे हैं। रेनीशन्स और निरनिधि के डायरेक्टर में सतीश सरावगी और महेन्द्र गोयनका का नाम भी है।

कटनी जिले के होने के नाते गोयनका और सरावगी से जान-पहचान है, लेकिन हवाला कारोबार से कोई लेना-देना नहीं है। इसकी जांच होनी चाहिए। -संजय पाठक, मंत्री, सूक्ष्म-लघु उघोग राज्यमंत्री

निरनिधी प्रायवेट लिमिटेड के दस्तावेज उस ट्रक में रखे बोरे के अंदर से मिले है जिसे पुलिस ने 6 जनवरी की रात जब्त किया था। जिसके बाद पुलिस मुख्यालय में टीआई को प्रकरण की डायरी से सहित तलब किया था और तीन दिन बाद ही पुलिस अधीक्षक का ट्रांसफर कर दिया गया। - राजेश सौरभ नायक

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Web Title:thousands of people came out in support of SP Gaurav Tiwari(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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