तिरुवनंतपुरम, एजेंसी। केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम के विझिंजम इलाके में रविवार को उस समय तनाव और बढ़ गया, जब विझिंजम बंदरगाह परियोजना का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने पुलिस थाने पर हमला कर दिया, इस दौरान उन्होंने पुलिस वाहन को भी पलट दिया। साथ ही प्रदर्शनकारियों ने पथराव भी किया, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालांकि, विझिंजम बंदरगाह के पास स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ा।

केरल पुलिस ने दर्ज की FIR

केरल के विझिंजम इलाके में रविवार रात अडाणी बंदरगाह परियोजना के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसक झड़प के मामले में 3,000 से अधिक लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि पुलिस थाने में तोड़फोड़ करने और पुलिसकर्मियों को घायल करने के आरोप में 3,000 लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। बता दें कि इस हिंसा में 36 पुलिसकर्मियों के घायल होने की खबर है। इससे पहले केरल पुलिस ने विझिंजम में हुई झड़पों के मामले में FIR दर्ज की थी, जिसमें लैटिन कैथोलिक डायोसिस के आर्चबिशप थॉमस जे नेटो को आरोपी के रूप में नामित किया है। इसके अलावा लैटिन कैथोलिक चर्च के 50 से अधिक पादरियों, जिनमें सहायक बिशप क्रिस्टुडास और विकर जनरल, युजिन पेरेरिया शामिल हैं, इनको भी प्राथमिकी में आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने FIR में जिक्र किया है शनिवार को विझिंजम बंदरगाह पर हमले की साजिश रची गई थी।

घायल पुलिसकर्मियों को अस्पताल में कराया भर्ती

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एम आर अजीत कुमार ने मीडिया को बताया कि रविवार शाम भीड़ के हमले में घायल हुए करीब 36 पुलिसकर्मियों को तिरुवनंतपुरम के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। अजीत कुमार ने मीडिया को बताया रविवार शाम को पुलिस स्टेशन पर भीड़ जमा हो गई थी और एक अन्य मामले में गिरफ्तार किए गए कुछ लोगों की रिहाई की मांग कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने पुलिस स्टेशन में तोड़फोड़ की और अधिकारियों पर हमला किया। जिसमें एक एसआई के पैर में चोट आई है।

प्रदर्शनकारियों ने किया था थाने का घेराव

उल्लेखनीय है कि प्रदर्शनकारियों ने इससे पहले रविवार को विझिंजम पुलिस थाने का घेराव किया था और शनिवार को हुई झड़पों के बाद हिरासत में लिए गए पांच लोगों को रिहा करने की मांग की थी। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व लैटिन कैथोलिकों के मछुआरे कर रहे हैं, जो विझिंजम के तटीय क्षेत्र में एक प्रमुख समुदाय है। कहा जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों को लैटिन कैथोलिक चर्च का समर्थन प्राप्त है।

पुजारियों और अधिकारियों के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक

विझिंजम पुलिस थाने के सूत्रों ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया कि क्षेत्र में तनाव कम करने को लेकर पुजारियों और पुलिस अधिकारियों के बीच एक उच्चस्तरीय बैठक हुई थी। प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि बंदरगाह परियोजना को बंद कर दिया जाए, जबकि केरल हाईकोर्ट ने परियोजना पर काम फिर से शुरू करने का निर्देश दिया है।

हिंसक झड़प में हुआ 2 लाख रुपये की संपत्ति का नुकसान

आपको बता दें कि राज्य सरकार विझिंजम बंदरगाह का काम पूरा करने की इच्छुक है। माकपा, भाजपा और पिछड़े वर्ग के एझावा समुदाय के प्रभावशाली एसएनडीपी बंदरगाह परियोजना का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने बंदरगाह परियोजना के समर्थन में प्रदर्शन भी किए हैं। तिरुवनंतपुरम सिटी पुलिस ने विझिंजम पुलिस स्टेशन में किसी भी घटना का सामना करने के लिए 200 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया है। साथ ही पुलिस ने 2 लाख रुपये की संपत्ति का नुकसान होने का अनुमान लगाया है।

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Edited By: Mohd Faisal

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