यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 02, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'वे चीन का नाम लेने से डरते हैं', अरुणाचल प्रदेश में 30 स्थानों के नाम बदलने पर कांग्रेस ने मोदी सरकार को घेरा
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद मनीष तिवारी ने अरुणाचल प्रदेश में 30 स्थानों के नाम बदले जाने वाले चीन ...और पढ़ें

ऑनलाइन डेस्क, नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद मनीष तिवारी ने अरुणाचल प्रदेश में 30 स्थानों के नाम बदले जाने वाले चीन के दावों को लेकर बीजेपी और केंद्र सरकार पर हमला बोला है। मनीष तिवारी ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बयान पर टिप्पणी कते हुए कहा कि इतनी कमजोर और लचीली प्रतिक्रिया भारत सरकार और उसके विदेश मंत्री को शोभा नहीं देती है।
विदेश मंत्री ने कहा था, "मैं आपके घर का नाम बदल दूं, तो वह घर मेरा थोड़े हो जाएगा?" तिवारी ने केंद्र सरकार के रवैये पर निशाना साधते हुए कहा, "जो लोग बुलंद आवाज में कच्चातिवु द्वीप की बात करते हैं, वे चीन का नाम लेने से भी डरते हैं।"
LIVE: Congress party briefing by Shri @ManishTewari at AICC HQ. https://t.co/J2ovHQn0f0
— Congress (@INCIndia) April 2, 2024
यह भी पढ़ें: 'मैं आपके घर का नाम बदल दूं तो...', एस जयशंकर का अरुणाचल को लेकर चीन को दो टूक जवाब
कांग्रेस सांसद ने कहा, "जो लोग कच्चातिवु की बात करते हैं, वो ये भूल जाते हैं कि 1971 में इंदिरा गांधी जी ने दुनिया का भूगोल बदल दिया था। न वे अमेरिका से डरीं, न उसके सातवें बेड़े से डरीं और न पश्चिमी देशों की सरकारों से डरीं।"
उन्होंने कहा, "पूर्वी पाकिस्तान की जनता जिस प्रताड़ना को झेल रही थी, प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी ने जनता को उस पीड़ा से बाहर निकाला था। मैं BJP से कहना चाहता हूं- अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए ऐसे मुद्दे न लाएं, जिससे हिंदुस्तान की सामरिक साख कमजोर हो।"
"हमारे उनसे दो सवाल हैं:
1. भारत की कितनी जमीन मई, 2020 के बाद से चीन के नियंत्रण में है?
2. मोदी सरकार ने उस जमीन को खाली क्यों नहीं कराया?"
कांग्रेस नेता ने आगे कहा, "आज लगभग 4 साल हो गए - चीन की फौज ने भारत की सीमा में घुसपैठ की, लेकिन मोदी सरकार की कोई प्रतिक्रया नहीं आई। जनवरी 2023 में तत्कालीन SSP ने एक रिसर्च पेपर में लिखित रुप से कहा था कि नियंत्रण रेखा के ऊपर 65 में से 26 पेट्रोलिंग प्वाइंट पर हम नहीं जा पाते। इस बारे में मोदी सरकार की तरफ से कोई स्पष्टीकरण नहीं आया।"
उन्होंने मणिपुर हिंसा मामले में केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा, "जब विपक्ष मणिपुर के ऊपर 'लो कॉन्फिडेंस मोशन' लेकर आई थी, तब हमने चीन की स्थिति पर भी अपनी बात रखी थी। तब प्रधानमंत्री मोदी ने 'लो कॉन्फिडेंस मोशन' पर अपनी बात रखी। लेकिन जब चीन की बात हुई, तब हमारे प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री ने एक शब्द नहीं बोला।"
