नीलू रंजन, नई दिल्ली। भारत में कुछ इलाकों में कोरोना के कम्युनिटी ट्रांसमिशन यानी फेज तीन में पहुंचने की आशंका गहरा गई है। खासकर, तब्‍लीगी जमात के लोगों के बड़े पैमाने पर देश के कई इलाकों में फैलने और कोरोना के नए मरीजों के सामने आने के बाद सरकार रोकथाम के लिए नई रणनीति अपनाने पर विचार कर रही है। इसके तहत बड़ी संख्या में कोरोना के मरीजों वाले हॉटस्पॉट में लोगों का बड़ी संख्या में कोरोना का टेस्ट शुरू किया जा सकता है। इसके लिए शुक्रवार को आइसीएमआर नई गाइडलाइंस जारी करेगी।

बड़े पैमाने पर आम लोगों के सैंपल की हो सकती है जांच

नई रणनीति के तहत सरकार कम्युनिटी ट्रांसमिशन की आशंका वाले इलाके में वहां घर-घर जाकर लोगों से संपर्क किया जाएगा। इन इलाकों में कोरोना के लक्षण वाले लोगों की जांच के साथ-साथ बड़े पैमाने पर आम लोगों के सैंपल की भी जांच की सकती है। ताकि यह पता लगाया जा सके कि वहां कोरोना का वायरस कितना फैला है। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि नई परिस्थिति को देखते हुए कोरोना वायरस के टेस्ट के दिशानिर्देशों को बदलने की तैयार की जा रही है।

आइसीएमआर के दिशानिर्देशों के मुताबिक अभी तक केवल कोरोना लक्षण उभरने पर ही मरीजों की जांच की अनुमति थी, लेकिन अब इसमें ढील दी जा सकती है। आइसीएमआर नए दिशानिर्देश को तैयार करने में जुटा है, जिसमें यह बताया जाएगा कि कौन-कौन से लोगों का कोरोना टेस्ट किया जा सकता है। आइसीएमआर के डाक्टर रमन गंगाखेड़कर ने कहा कि शुक्रवार को नए दिशानिर्देश जारी कर दिये जाएंगे।

देश के कुछ इलाके बने कोरोना के हॉटस्‍पॉट

कोरोना वायरस को फैलने से रोकने में अब तक रणनीति को सफल बताते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि लॉकडाउन के एक हफ्ते बाद देश के कुछ इलाके में कोरोना के हॉटस्पॉट के रूप में सामने आए हैं। इनमें मुंबई और दिल्ली के कुछ इलाके जैसे देश के कई स्थानों पर एक जगह से बड़ी संख्या में कोरोना वायरस से पॉजीटिव पाए गए हैं और वहां सैंकड़ों लोग आइसोलेशन में रखे गए हैं। चूंकि कोरोना से ग्रसित ये लोग लंबे समय से इन इलाकों में खुलेआम घूम रहे थे, इसीलिए यहां कोरोना के एक बड़ी जनसंख्या में फैले होने की आशंका बढ़ गई है।

समस्या यह है कि ऐसे इलाकों में भी कोरोना वायरस से ग्रसित होने के बावजूद लोगों में बीमारी के लक्षण आने में कई दिन लग सकते हैं, तब तक वायरस के कई अन्य लोगों में फैलने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। वैसे लॉकडाउन की वजह से इस वायरस से उक्त इलाके से बाहर जाने की आशंका कम है, लेकिन रोजमर्रा की जरूरी चीजें लाने ले जाने के दौरान यह कई लोगों तक पहुंच सकता है।

कम्युनिटी ट्रांसमिशन के फेज में पहुंचने के पहले ही भारत में लागू किया गया लॉकडाउन 

अनजाने में लोगों तक कोरोना के वायरस पहुंचने के इस फेज को कम्युनिटी ट्रांसमिशन का फेज कहा जाता है। इसके बाद वायरस महामारी का रूप धारण कर लेता है। जैसा कि इटली, स्पेन, अमेरिका समेत दुनिया के कई देशों में हो चुका है। जिसके बाद इन देशों को मजबूरी में लॉकडाउन लागू करना पड़ा। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारत के लिए अच्छी बात है कि कम्युनिटी ट्रांसमिशन के फेज में पहुंचने के पहले ही यहां लॉकडाउन लागू कर दिया गया था। इसीलिए कोरोना वायरस के हॉटस्पॉट वाले इलाके तक सीमित रखने में मदद मिलेगी। लेकिन आशंका बढ़ गई है।

 

Posted By: Arun Kumar Singh

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