तिरुअनंतपुरम, प्रेट्र : केरल के कई युवाओं के कुख्यात आतंकी संगठन आइएस में शामिल होने की खबरों के बीच सोमवार को मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने विधानसभा को सूचित किया कि राज्य से 21 लोग लापता हैं। इनके आइएस में शामिल होने का शक है। मुख्यमंत्री के अनुसार लापता लोगों में 17 कासारगोड़ जिले के और चार पलक्कड़ जिले से हैं। उन्होंने यह जानकारी विपक्ष के नेता रमेश चेन्निथला के सवाल के जवाब में दी।

मुख्यमंत्री विजयन ने कहा कि आतंकवादियों का कोई धर्म नहीं होता, इसलिए सरकार इस मुद्दे पर किसी को राज्य में मुस्लिम विरोधी भावनाएं भड़काने की इजाजत नहीं देगी। यह सर्वविदित है कि केरल में रहने ज्यादातर मुस्लिम आतंक और कट्टरपंथ के खिलाफ हैं। कासारगोड़ जिले से लापता लोगों में चार महिलाएं और तीन बच्चे शामिल हैं। जबकि पलक्कड़ से लापता लोगों में दो महिलाएं भी हैं। इन लोगों ने अलग-अलग कारण बताकर अपने घर छोड़े हैं।

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मुख्यमंत्री ने मीडिया रिपोर्ट के हवाला देते हुए बताया कि ये लोग सीरिया और अफगानिस्तान गए हैं। इस समय ये आइएस के शिविरों में हैं। विजयन ने बताया कि कासारगोड़ निवासी फिरोज नाम का युवक रविवार को जब मुंबई एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया, तब पूरे मामले का पता चला। सरकार पूरे मामले को बहुत गंभीरता से ले रही है और वह केंद्रीय एजेंसियों को हर संभव मदद देगी। साथ ही राज्य में आतंकी गतिविधियों का विस्तार रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।

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उच्च शिक्षित हैं लापता लोग

भाजपा विधायक ओ राजगोपाल ने सदन को बताया कि उनके क्षेत्र की दंत चिकित्सा से जुड़ी एक छात्रा लापता है। लापता होने से पहले उसने धर्म परिवर्तन कर इस्लाम ग्रहण किया और उसके बाद वह शादी करके पलक्कड़ गई थी। माकपा विधायक एम राजगोपाल ने बताया कि कासारगोड़ से सांसद पी करुणाकरन ने दो दिन पहले मुख्यमंत्री के संज्ञान में मामला लाया था। लापता लोग उच्च शिक्षित और टेक्नोक्रेट थे।

Posted By: Rajesh Kumar

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