लखनऊ [जागरण ब्यूरो]। बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने मंगलवार को कांगे्रस, भाजपा और सपा पर जमकर तीर चलाए। कहा कि इन दलों ने बाबा साहब का कभी दिल से सम्मान नहीं किया। बस वोट के लिए उनके सम्मान का दिखावा कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश में अंबेडकर जयंती पर अवकाश रखे जाने को उन्होंने सपा के दलित विधायकों के दबाव में लिया गया निर्णय करार दिया। मायावती ने चुनौती दी कि उन पर तमाम तरह के आरोप लगाए जाते हैं लेकिन कोई उनके नाम की एक भी कंपनी या कारोबार साबित कर दे तो वह राजनीति से संन्यास ले लेंगी।

मंगलवार को मायावती डॉ. भीमराव अंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल में बाबा साहब की जयंती के अवसर पर श्रद्धांजलि सभा को संबोधित कर रही थीं। कहा कि आजादी के बाद पहले आम चुनाव में मुंबई में कांग्रेस ने पानी की तरह पैसा बहाकर न केवल बाबा साहब को चुनाव हरवा दिया था बल्कि उन्हें भारत रत्न भी नहीं मिलने दिया। कहा कि यही हाल भाजपा का है।

1989 में प्रधानमंत्री वीपी सिंह ने बसपा की तीन शर्तें बाबा साहब को भारत रत्न, आडवाणी की रथयात्रा को उप्र में प्रवेश न करने देने और मंडल कमीशन की रिपोर्ट लागू करने की बात मानी थी। यह शर्त मानने पर भाजपा ने वीपी सिंह की सरकार गिरा दी थी।

मर रहे किसान, पीएम व सीएम घूम रहे विदेश : मायावती ने कहा कि दैवी आपदा में किसान बर्बाद हो गए हैं लेकिन प्रधानमंत्री विदेश दौरे में व्यस्त हैं और मुख्यमंत्री का भी यही रवैया है। पीएम और सीएम को विदेश न जाकर किसानों के हित में लगना चाहिए।

भाजपा और सपा चुनाव के दौरान करा सकती दंगा : भाजपा - सपा पर हमलावर मायावती ने कहा कि केंद्र सरकार संविधान के अनुसार नहीं चल रही है। भाजपा के इशारे पर सहयोगी दल शिवसेना ने मुसलमानों से वोट का अधिकार छीनने की बात कह कर भारतीय संविधान की गरिमा को ठेस पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि सपा और भाजपा अंदर-अंदर मिली हैं। विधानसभा चुनाव में ये दोनों दल दंगा कराकर हिंदू-मुस्लिम रंग दे सकते हैं।

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Edited By: Gunateet Ojha

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