नई दिल्ली, प्रेट्र। उच्चतम न्यायालय यानि सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को मेघालय सरकार को बड़ा झटका दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने अवैध कोयला खनन मामले पर मेघालय सरकार को निर्देश दिया कि वह केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के साथ अवैध कोयला खनन पर अंकुश लगाने में एनजीटी द्वारा लगाए गए 100 करोड़ रुपये का जुर्माना जमा करें।

जस्टिस अशोक भूषण और के एम जोसेफ की पीठ ने राज्य प्रशासन को निर्देश दिया कि वह अवैध रूप से निकाले गए कोयले को कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) को सौंप दे, जो इसे नीलाम करेगी और राज्य सरकार के पास धन जमा करेगी।सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने राज्य में निजी और सामुदायिक स्वामित्व वाली भूमि पर खनन संचालन को संबंधित अधिकारियों से अनुमति के अधीन करने की अनुमति दी।

बता दें, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने 4 जनवरी 2019 को मेघालय सरकार पर जुर्माना लगाया था। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने माना कि पूर्वोत्तर राज्य में बड़ी संख्या में खदानें अवैध रूप से चल रही थीं।

पिछले साल 13 दिसंबर 2018 को मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले में केन्स में एक अवैध कोयला खदान में कुल 15 खनिक फंस गए थे, जब पास के लियटिन नदी के पानी में पानी घुस गया था। इस खदान से अभी तक केवल दो शव बरामद हुए हैं। शीर्ष अदालत ने इससे पहले खनिकों को मेघालय के विभिन्न स्थलों पर पड़े कोयला निकालने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था।

Posted By: Shashank Pandey

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