नई दिल्ली [प्रेट्र]। सेना के साथ कई हफ्तों तक विचार-विमर्श के बाद रक्षा मंत्रालय ने देशभर की सैन्य छावनियों में किसी भी सड़क को बंद करने के लिए एक मानक प्रोटोकॉल तैयार कर लिया है। मंत्रालय ने जोर देकर कहा है कि इस संदर्भ में सेना की आकस्मिक रक्षा जरूरतों का ध्यान रखा गया है।

रक्षा मंत्रालय ने मई में 62 सैन्य छावनियों की सड़कों को नागरिकों के लिए खोलने का फैसला किया था। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह फैसला उक्त सैन्य छावनियों के निर्वाचित उपाध्यक्षों और सांसदों के एक समूह के साथ बैठक के बाद लिया था। लेकिन इस फैसले को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं व्यक्त की गईं। सैन्य अधिकारियों की पत्नियों ने सरकार के इस फैसले के खिलाफ देशव्यापी हस्ताक्षर अभियान भी शुरू किया था। इसके बाद रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस मसले पर सेना प्रमुख बिपिन रावत, रक्षा संपदा संगठन के अधिकारियों और अपने मंत्रालय के अधिकारियों के साथ कई दौर की बातचीत की।

रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, स्थानीय सैन्य अधिकारी अगर जरूरी समझें तो वे सड़कें बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें कारण भी बताने होंगे। इस संबंध में सैन्य छावनी अधिनियम-2006 और रक्षा मंत्रालय द्वारा 28 मई, 2018 को जारी आदेश में बताई गई प्रक्रिया का पालन किया जाएगा।

By Vikas Jangra