गुवाहाटी, प्रेट्र। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि भारत की परंपराओं ने कभी भी असहिष्णुता की अनुमति नहीं दी है। अनेकता में एकता और सह अस्तित्व देश की ताकत है।

गुवाहाटी में नमामि ब्रह्मपुत्र समारोह के शुभारंभ के मौके पर राष्ट्रपति ने कहा कि जब लोग भारतीयों पर असहिष्णु होने का लेबल लगाते हैं तो वह इससे सहमत नहीं होते हैं। भारत में करीब 200 भाषाएं बोली जाती हैं और यहां सभी सात बड़े धर्मों को मानने वाले लोग रहते हैं।

राष्ट्रपति ने शुक्रवार को पांच दिवसीय नमामी ब्रह्मापुत्र समारोह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे, असम के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित, मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल और राज्य सरकार के मंत्री भी मौजूद थे। यह समारोह असम के 21 जिलों में मनाया जा रहा है, जहां के पास से ब्रह्मापुत्र नदी गुजरती है। चार अप्रैल तक चलने वाले इस इस समारोह में असम की संस्कृति, इतिहास और संगीत को प्रदर्शित किया जाएगा।

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Posted By: Suchi Sinha

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