नई दिल्‍ली [ एजेंसी ]। राजस्थान के अलवर में गौतस्करी के शक में भीड़ द्वारा पीट-पीटकर मारेे गए रकबर खान की पोस्‍टमार्टम रिपोर्ट आ गई है। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि रकबर के हाथ और एक पैर की हड्डी टूटी हुई है और 12 जगह पर चोट के निशान हैं। बता दें कि इस मामले में अब तक चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई हुई है, जबकि दो आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। राजस्‍थान पुलिस पर लगाए जा रहे आराेपों के बीच प्रदेश के गृह मंत्री जीसी कटारिया ने कहा कि पहले गायों को गोशाला ले जाने के बजाए घायलों को अस्‍पताल ले जाना पुलिस का प्राथमिक कर्तव्‍य है। घायलों को पहले अस्‍पताल ले जाना चाहिए था। पुलिस ने गायों को गोशाला भेजने में समय बर्बाद किया है। घायल को बचाया जा सकता था। इसके लिए प्रयास किए जा सकते थे।

रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टरों का कहना है कि चोट के बाद शरीर के अंदर ही खून फैल गया होगा। चिकित्‍सक टीम का कहना है कि रकबर को अंदरूनी गंभीर चोट थीं, जिसके चलते शरीर के अंदर रक्तस्त्राव हुआ होगा। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसी हालत में कई बार सदमे से भी जान जा सकती है। पोस्टमॉर्टम करने वाली टीम में डॉक्टर राजीव कुमार गुप्ता, डॉक्टर अमित मित्तल और डॉक्टर संजय गुप्ता शामिल थे। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट जांच टीम को सौंप दी गई है। पुलिस का कहना है कि घटनास्थल पर कराई गई फॉरेंसिक रिपोर्ट भी जल्दी मांगी गई है। गौरतलब है कि घटना स्थल पर कीचड़ में संघर्ष के निशान हैं।

उधर, वारदात के दौरान मौके पर मौजूद लोगों का दावा है कि पुलिस की पिटाई से रकबक की मौत हुई। इस बीच मॉब लिंचिंग का शिकार हुए रकबर की आखिरी तस्वीर सामने आई है। ये तस्वीर उस वक्त की है जब पुलिस रकबर को हिरासत में लेकर थाने पहुंची थी। इस तस्वीर में रकबर स्वस्थ दिख रहा है। चश्मदीदों ने पुलिस पर पिटाई के गंभीर आरोप लगाए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि रकबर की मौत पिटाई से हुई है। उसके शरीर के कई हिस्सों में चोट के निशान मिले हैं। इतना ही नहीं उसके एक हाथ-पैर की हड्डी भी टूटी मिली है।

Posted By: Ramesh Mishra