नई दिल्ली, एएनआइ। ईरान और रूस की नौसेना अभ्यास में भारत के शामिल होने की खबर को भारतीय नौसेना ने गलत बताया है। समाचार एजेंसी एएनआइ ने भारतीय नौसेना के हवाले से इसकी जानकारी दी है। बयान में कहा गया कि भारतीय नौसेना द्वारा ड्रिल में भाग लेने की रिपोर्टे्स गलत हैं। हम कभी भी अभ्यास में शामिल नहीं हुए। बता दें कि हिंद महासागर क्षेत्र में ईरान और रूस ने समुद्री व्यापार की सुरक्षा बढ़ाने के इरादे से संयुक्त नौसैन्य अभ्यास कर रहे हैं। इस अभ्यास को 'ईरान-रूस समुद्री सुरक्षा क्षेत्र 2021’ नाम दिया गया है। बता दें कि इस दो दिन के अभ्यास का आयोजन हिंद महासागर के उत्तरी हिस्से में हो रहा है। 

समाचार एजेंसी एएनआइ के अनुसार ईरानी नौसेना के कमांडर होसैन खानजादी ने कहा है कि चीनी नौसेना भी इस अभ्यास में भाग लेगी। यह ड्रिल 17,000 वर्ग किलोमीटर (6,500 वर्ग मील) के क्षेत्र में हो रहा है। 2019 के बाद से रूस-ईरान दूसरी बार संयुक्त अभ्यास कर रहे हैं। तब दोनों देशों के साथ-साथ चीन ने चार दिवसीय अभ्यास में हिस्सा लिया था।अमेरिका के साथ क्षेत्रीय तनावों के बीच ईरान, चीन और रूस के साथ सैन्य सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। हाल के वर्षों में रूसी और चीनी नौसेना प्रतिनिधियों की ईरान की यात्राएं भी बढ़ी हैं।

पिछले कुछ महीनों में, ईरान ने सैन्य अभ्यास तेज किया

पिछले कुछ महीनों में, ईरान ने सैन्य अभ्यास तेज कर दिया है। वह परमाणु समझौते को लेकर राष्ट्रपति जो बाइडन पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा है कि ईरान के साथ  परमाणु समझौते में अमेरिका फिर से शामिल हो सकता है। पिछले गुरुवार को, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने इराक के साथ लगी सीमा के पास एक ग्राउंड फोर्स ड्रिल का आयोजन किया था। इसमें ड्रोन, हेलीकॉप्टर और सैन्य टैंक का इस्तेमाल किया गया था।

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