नई दिल्ली, प्रेट्र। 17वीं लोकसभा के नवनिर्वाचित सांसदों को अस्थायी रूप से होटलों में नहीं ठहराया जाएगा। इसकी जगह वे संसद के हॉस्टल और विभिन्न राज्यों के भवनों में रुकेंगे। एक शीर्ष अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। गुरुवार से मतों की गिनती का काम शुरू हो जाएगा और शुक्रवार से नवनिर्वाचित सांसदों का राष्ट्रीय राजधानी में आगमन होने लगेगा। इसके लिए सचिवालय ने तैयारी करनी शुरू कर दी है।

यहां एक संवाददाता सम्मेलन में निचले सदन के महासचिव स्नेहलता श्रीवास्तव ने कहा कि लोकसभा सचिवालय ने होटलों में अस्थायी निवास की प्रणाली खत्म कर दी है। सरकारी खजाने पर खर्च का बोझ पड़ने के कारण इस प्रणाली की आलोचना होती रही है।

श्रीवास्तव ने कहा, 'नवनिर्वाचित सांसदों को वेस्टर्न कोर्ट, इसके नवनिर्मित एनेक्सी और राज्यों के भवनों में ठहराया जाएगा। लोकसभा सचिवालय ने होटलों में अस्थायी रूप से ठहराने की प्रणाली खत्म कर दी है।'

सूत्रों ने कहा कि 2014 के आम चुनाव में 300 से ज्यादा नए सांसद चुने गए थे। उन्हें निवास मुहैया कराने में संकट पैदा हो गया था क्योंकि कुछ पुराने सदस्यों ने अपना सरकारी निवास खाली नहीं किया था। इस स्थिति में लोकसभा सचिवालय को नवनिर्वाचित सांसदों को होटलों में ठहराने के लिए मजबूर होना पड़ा था। इस कारण 2014 में सरकारी खजाने पर 30 करोड़ का बोझ पड़ा था। इसे देखते हुए लोकसभा की आवास समिति ने वेस्टर्न कोर्ट में 88 नए ब्लॉक बनाने का प्रस्ताव किया था। इसमें दो स्तरीय पार्किंग भी है।

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Posted By: Nitin Arora

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