नई दिल्‍ली, जेएनएन। Omicron Variant News आपद काल परखिए चारी..। हमारे पौराणिक ग्रंथों और शास्त्रों में बार-बार यह बताया गया है कि मनुष्य के जीवन में प्रतिकूल परिस्थिति आनी इसलिए भी जरूरी है क्योंकि इससे उसके व्यक्तित्व के तमाम आयामों का पता चल जाता है। धैर्य, साहस, कमजोरी, मजबूती, मित्र, शत्रु सब सामने आ जाते हैं।

पिछले दो साल से दुनिया एक ऐसे दुश्मन से जूझ रही है जिसके बारे में वो जितना जान पाती है, उतना ही वह रहस्यमयी बनकर सामने आ जाता है। कोविड-19 महामारी से भारत ने अपने उन्हीं परंपरागततौर पर मिली सीखों से मुकाबला शुरू किया। खुद को मजबूत किया। जिस देश में मास्क तक नहीं बनाए जाते थे, उसने इस महामारी से मुकाबले के लिए वेंटिलेटर से लेकर वैक्सीन तक बना डाली। यहां के लोगों ने साफ-सफाई, शारीरिक दूरी, और मास्क लगाने को इस लड़ाई का अमोघ अस्त्र मान मन-क्रम-बचन से अपनाया।

हम अपने इसी हौसले से दूसरी लहर के रूप में आई सुनामी पर विजय प्राप्त की। भारत से प्रतिकूल दुनिया के अन्य देशों में तो लोग वैक्सीन लगवाना तो दूर उसके खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। बढ़ता संक्रमण वायरस को प्रतिरूप बनाने में सहायक हो रहा है। इसी क्रम में कोरोना वायरस का नया रूप ओमिक्रोन सामने आया है। माना जा रहा है कि यह डेल्टा से भी पांच गुना अधिक संक्रामक है।

अच्छी बात यह है कि अभी इस वैरिएंट को लेकर बहुत सी जानकारियां सामने नहीं आई हैं। ये हमारे लिए हक में भी हो सकती हैं और प्रतिकूल भी। हमने दूसरी लहर का सबसे खराब दौर ङोला है, उससे खराब अब क्या होगा, लेकिन नए वैरिएंट के रूप में आई इस मुसीबत के लिए हम सबको फिर से कमर कसनी होगी। इसके लिए सारे एहतियात के साथ टीकाकरण शीघ्र पूरा करना होगा और जरूरत पड़ने पर बूस्टर डोज की तैयारी भी करनी होगी। ऐसे में भारतीय परिप्रेक्ष्य में ओमिक्रोन संकट की पड़ताल आज हम सबके लिए बड़ा मुद्दा है।

Edited By: Sanjay Pokhriyal