'बदला देश की आंतरिक सुरक्षा का ढांचा', केंद्रीय गृह सचिव ने नए खतरों को लेकर किया आगाह
केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने कहा कि देश का पारंपरिक आंतरिक सुरक्षा परिदृश्य बदल चुका है। आतंकवाद और नक्सलवाद ...और पढ़ें

देश की आंतरिक सुरक्षा का परिदृश्य बदल चुका : केंद्रीय गृह सचिव (फाइल फोटो)
HighLights
केंद्रीय गृह सचिव ने कहा कि अब साइबर क्राइम और ड्रग्स तस्करी देश के लिए नई चुनौतियां
केंद्रीय गृह सचिव बोले आतंकवाद और नक्सलवाद जैसी पुरानी चुनौतियों पर नियंत्रण पा लिया गया है
पीटीआई, हैदराबाद। केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने कहा कि देश का पारंपरिक आंतरिक सुरक्षा परिदृश्य बदल चुका है।
आतंकवाद और नक्सलवाद जैसी पुरानी चुनौतियों पर नियंत्रण पा लिया गया है, जबकि अब साइबर अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध प्रवासन जैसे नए खतरे सामने आए हैं।
यहां सरदार वल्लभभाई राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में आइपीएस के 78वें बैच की दीक्षा परेड को संबोधित करते हुए उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का संदेश साझा किया।
इस संदेश में आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता, समयबद्ध कार्रवाई और खुफिया सूचनाओं के बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया।
इसमें शाह ने कहा कि युवा अधिकारियों की केंद्र की स्मार्ट बार्डर पहल के जरिये सीमाओं की सुरक्षा में अहम भूमिका है।
इस पहल में आधुनिक तकनीकों, एकीकृत निगरानी, डिजिटल प्रणालियों और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय का इस्तेमाल किया जाता है।
उन्होंने मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले नेटवर्क के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई, बेहतर समन्वय, तकनीक आधारित जांच और ‘नशामुक्त भारत’ का लक्ष्य हासिल करने के लिए लोगों में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया।
मोहन ने प्रशिक्षु आइपीएस से मादक पदार्थों, साइबर अपराध और अवैध प्रवासन जैसी आंतरिक सुरक्षा की नई चुनौतियों से निपटने की तैयारी का आह्वान किया।
