नई दिल्ली, जेएनएन। शनिदेव न्याय के देवता के रूप में पूजे जाते हैं लेकिन उन्हें अन्याय और गलत काम पसंद नहीं आते। दाती महाराज के मामले में भी एेसा ही हुआ। लोगों को शनि के क्रोध से बचाने के लिए पूजन करने वाले दाती महाराज खुद शिष्या के यौन उत्पीड़न के मामले में फंसे तो अब शनि की साढ़ेसाती उन पर लग गई है। अब कानून का शिकंजा उन पर कसता जा रहा है। 

रातों रात चमक गई किस्मत
दाती महाराज उर्फ मदनलाल की किस्मत ज्योतिष विद्या जानने के साथ ही रातों रात चमक उठी। नेता अधिकारी भी उसके मायाजाल में आ गए और इसी की आड़ में बाबा ने उत्पीड़न करना शुरू कर दिया। बाबा का मायाजाल इतना बड़ा था कि कोई हिम्मत नहीं जुटा पाता था लेकिन बाबा के उत्पीड़न की शिकार लड़की ने न सिर्फ आवाज उठाई बल्कि पुलिस को भी कार्रवाई करने के लिए मजबूर किया।

आपको बता दें कि राजस्थान की 25 वर्षीय युवती ने स्वयंभू बाबा दाती महाराज और उसके चेलों पर बलात्‍कार का आरोप लगाया था। यह मामला दक्षिणी दिल्ली के फतेहपुर बेरी थाने में दर्ज कराया गया था। युवती ने पुलिस को बताया कि वह करीब एक दशक से महाराज की अनुयायी थी लेकिन महाराज और चेलों द्वारा बार-बार बलात्कार किए जाने के बाद वह अपने घर राजस्थान लौट गई थी। 

शिष्यों के नाम पर रहता गुर्गों का घेरा
दाती महाराज हों या संत के नाम पर फरेब रचने वाले अन्य बाबा, सभी अपने इर्द-गिर्द सुरक्षा का घेरा तैयार करते हैं। यह घेरा उसके गुर्गे बनाए रखते हैं जिन्हें शिष्य कहा जाता है। उनका असली काम एेसे बाबाओं को सुरक्षा देना है ताकि बाबा जिसे चाहे, बस वही करीब आ सके।

बिटिया पर नहीं लगाऊंगा आरोप, जांच में पूरा सहयोग
रेप के आरोप लगाने के बाद से फरार चल रहे स्वयंभू बाबा दाती महाराज मीडिया के सामने आए और बोले कि मैं उस बिटिया पर आरोप नहीं लगाऊंगा। मैंने गलती की है तो इसकी जांच पुलिस करेगी और जांच में सहयोग के लिए पूरी तरह से तैयार हूं। 

By Jagran News Network