विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

SIR के बाद गुजरात में 68 मतदाताओं के नाम कटे, चुनाव आयोग ने जारी की अंतिम मतदाता सूची

Published: Thu, 19 Feb 2026 05:37 AM (IST)Updated: Thu, 19 Feb 2026 07:00 AM (IST)

नाव आयोग ने गुजरात की अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी। साढ़े तीन महीने चले विशेष सुधार अभियान (एसआइआर) के ...और पढ़ें

SIR के बाद गुजरात में 68 मतदाताओं के नाम कटे (सांकेतिक तस्वीर)

SIR के बाद गुजरात में 68 मतदाताओं के नाम कटे (सांकेतिक तस्वीर)

HighLights

  1. राज्य की अंतिम मतदाता सूची में अब 4.40 करोड़ वोटरों के नाम

  2. ड्राफ्ट सूची में करीब 74 लाख नाम कटे थे, 5.60 लाख नए नाम जुड़े

राज्य ब्यूरो, गांधीनगर। चुनाव आयोग ने गुजरात की अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी। साढ़े तीन महीने चले विशेष सुधार अभियान (एसआइआर) के बाद अब राज्य में कुल 4.40 करोड़ मतदाता हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने बताया कि 19 दिसंबर को जारी ड्राफ्ट लिस्ट के मुकाबले अब 5.60 लाख नए नाम जुड़े हैं, जबकि 68 लाख मतदाताओं के नाम विविध कारणों से काट दिए गए। इनमें सबसे अधिक करीब 40 लाख लोग स्थायी रूप से स्थानांतरित हो गए हैं। ड्राफ्ट सूची में करीब 74 लाख नाम कटे लेकिन संशोधन के बाद अब यह संख्या 68 लाख रह गई।

गुजरात के मुख्य चुनाव अधिकारी हारित शुक्ला ने बताया है कि राज्य में 50963 बीएलओ ने मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के लिए घर-घर जाकर तीन माह तक सर्वे किया। दिसंबर 2025 में ड्राफ्ट मतदाता सूची तैयार की गई थी, इसमें 73 लाख 73 हजार मतदाताओं के नाम काटे गये थे। लेकिन अब सूचियों के संशोधन के बाद तैयार अंतिम मतदाता सूची में यह संख्या घटकर 68 लाख हो गई।

राज्य के 4.40 करोड़ मतदाताओं में सबसे अधिक संख्या अहमदाबाद जिले में 49.13 लाख है, शहर में एक लाख 5632 मतदाता नये जुड़े हैं। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के विधानसभा क्षेत्र घाटलोडिया में सबसे अधिक 17984 मतदाता नए जुड़े जबकि दस्क्रोई में 12931, चौर्यासी में 10914 नए मतदाता सूची में शामिल हुए।

मतदाता सूची में नाम नहीं होने पर फार्म -6 तथा भूल सुधार कराना हो तो फार्म संख्या-8 भरकर देना होगा। बिहार व अन्य राज्यों की तरह गुजरात में भी मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण पर प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी ने सवाल उठाए हैं।

उनका कहना है कि जिल मतदाताओं के नाम काटे गए हैं उनके नाम सार्वजनिक किया जाये। कांग्रेस नेता अमित चावडा का कहना है कि आयोग ने जिन लोगों के नाम काटे हैं उनकी पहचान व सूची उपलब्ध करानी चाहिए।