यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 24, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Chief Minister Pinarayi Vijayan: केरल के CM ने Gender Neutral Policy पर दी सफाई, कहा- सरकार बच्चों पर नहीं थोप रही यूनिफार्म
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा कि वाम सरकार यह तय नहीं करने जा रही कि बच्चों को स्कूलों ...और पढ़ें

तिरुवनंतपुरम, एजेंसियां। केरल सरकार की लैंगिक तटस्थ नीति (gender neutral policy) की आलोचना के मद्देनजर मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने बुधवार को कहा कि वाम सरकार यह तय नहीं करने जा रही है कि बच्चों को स्कूलों में किस तरह की ड्रेस पहननी चाहिए। सीएम ने कहा, राज्य विधानसभा में यह तय करना शिक्षण संस्थानों का विशेषाधिकार है कि लड़कियों और लड़कों को किस तरह की ड्रेस पहननी चाहिए। राज्य सरकार की लिंग तटस्थ नीति, विशेष रूप से ड्रेस के संबंध में है।
कांग्रेस सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) और विभिन्न रूढ़िवादी मुस्लिम धार्मिक संगठनों के नेताओं द्वारा इस नीति कि आलोचना की गई है। सीएम एलडीएफ विधायक के के शैलजा के उस निवेदन का जवाब दे रहे थे जिसमें कहा गया था कि सरकार को सभी को विश्वास में लेकर महिलाओं और ट्रांसजेंडरों के लिए लैंगिक न्याय और समानता सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का स्कूलों में लड़कों और लड़कियों के लिए एक ही तरह की ड्रेस लगाने का इरादा नहीं है।
विजयन ने कहा कि संबंधित शिक्षण संस्थानों, उनके शिक्षकों, पीटीए और छात्र प्रतिनिधियों को उचित यूनिफार्म पर चर्चा कर निर्णय लेना चाहिए और उसे लागू करना चाहिए। उन्होंने कहा, "किसी पर भी किसी भी तरह की पोशाक थोपना इस सरकार की नीति नहीं है।" उन्होंने कहा कि इस संबंध में कोई विशेष निर्देश जारी नहीं किया गया है।
पिनाराई विजयन ने कहा, 'लोग पोशाक, भोजन और विश्वास के मामले में स्वतंत्रता के हकदार'
लोग पोशाक, भोजन और विश्वास के मामले में हर स्वतंत्रता के हकदार हैं और इनके बारे में कोई अतिवादी दृष्टिकोण नहीं हो सकता है। उन्होंने आगे कहा कि महिलाओं सहित ड्रेस कोड थोपने की कोशिशें प्रगतिशील ज्ञानवान समाज के निर्माण के ''हमारे मकसद'' में बाधक हैं। सरकार का मानना है कि समाज के सभी वर्गों को उनकी जाति, धर्म और लिंग की परवाह किए बिना स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें इसके लिए अनुकूल माहौल बनाने की जरूरत है।
IUML विधायक ने लिंग-तटस्थ नीति की आलोचना की
IUML विधायक एम के मुनीर ने पिछले महीने स्कूलों और छात्रों द्वारा पहनी जाने वाली ड्रेस के संबंध में राज्य सरकार की कथित लिंग-तटस्थ नीति की आलोचना की थी। उन्होंने सवाल किया था कि शर्ट और ट्राउजर पहनने वाली लड़कियों के बजाय लड़के चूड़ीदार क्यों नहीं पहन सकते।
जब पिछले दिसंबर में कोझिकोड में बालूसेरी के सरकारी बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय ने अपने छात्रों के लिए लिंग-तटस्थ ड्रेस लागू की थी, तो मुस्लिम समन्वय समिति के तहत लोगों के एक वर्ग ने नई यूनिसेक्स ड्रेस के खिलाफ संस्था के लिए विरोध-मार्च का मंचन किया था।
उन्होंने तर्क दिया था कि यह निर्णय महिलाओं के शील का अपमान करने जैसा है और यह छात्रों के बीच "उदार विचारधारा को थोपने" का हिस्सा है। उन्होंने इसे अलोकतांत्रिक और लोगों के कुछ भी पहनने के अधिकार का अतिक्रमण बताया था। केरल में लगभग एक दर्जन स्कूल उस समय पहले ही लिंग-तटस्थ ड्रेस में स्थानांतरित हो चुके थे।
