मुंबई (पीटीआई)। पंजाब नेशनल बैंक घोटाले में गिरफ्तार कविता माननकीकर को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट से सीबीआइ को तगड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने कहा कि चूंकि सीबीआई ने मानकीकर को सूर्यास्त के बाद गिरफ्तार किया है, इसीलिए यह गिरफ्तारी गैरकानूनी है। जस्टिस जे. कठवाला और भारती डांगरे की बेंच ने 'खुले तौर पर' कानून का उल्लंघन करने के लिए सीबीआइ पर 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। साथ ही गिरफ्तारी के लिए दोषी अधिकारियों पर सीबीआइ को अनुशासनात्मक कार्रवाई करने को भी कहा है। 

गौरतलब है कि पीएनबी घोटाले के आरोपी नीरव मोदी की कंपनी की कर्मचारी कविता मानकीकर ने गिरफ्तारी के बाद बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया था। मानकीकर के मुताबिक, सीबीआइ ने 20 फरवरी को उसे रात 10 बजे के बाद गिरफ्तार किया। मानकीकर ने कानून का हवाला देते हुए कहा कि कोई भी जांच एजेंसी या पुलिस किसी महिला को सूर्यास्त के बाद गिरफ्तार नहीं कर सकती। मानकीकर की इस याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने आज यह फैसला सुनाया। 

हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर सीबीआइ जांच के मुताबिक, मानकीकर की गिरफ्तारी होनी थी तो एजेंसी कानून की उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए उसे गिरफ्तार करने के लिए स्वतंत्र थी। कोर्ट ने कहा, 'यह सुनिश्चित करना  राज्य की जिम्मेदारी है कि किसी भी नागरिक के जीवन और स्वतंत्रता का उल्लंघन न हो। कोर्ट ने आगे कहा कि कानून में स्पष्ट तौर पर बताया गया है कि कैसे किसी नागरिक की गिरफ्तारी होनी है, इसीलिए इस तरीके का सख्ती से पालन किया जाए। कोर्ट ने कहा कि मानकीकर की गिरफ्तारी में सीबीआइ ने कानूनों का उल्लंघन किया है। 

कौन है मानकीकर 

मानकीकर, नीरव मोदी की तीन कंपनियों डायमंड आर यूएस, स्टेलर डायमंड और सोलर एक्सपोर्ट्स के लिए अधिकृत हस्ताक्षरी थी। सीबीआइ के मुताबिक, माननकीकर ने ही फर्जीवाड़ा करते हुए लेटर्स ऑफ अंडरस्टेडिंग (एलओयू) जारी करने के आवेदन पर हस्ताक्षर किया है। ध्यान रहे कि जांच एजेंसी ने हजारों करोड़ रुपये के पीएनबी घोटाले में नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चौकसी सहित कई अन्य के खिलाफ 31 जनवरी को केस दर्ज किया। 

By Vikas Jangra