नई दिल्ली, पीटीआइ। इस साल उत्तर, पूरब और मध्य भारत में रहने वाले लोगों को गर्मी कुछ ज्यादा ही सता सकती है। अप्रैल से मई के दौरान तापमान औसत से एक से डेढ़ डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी) ने यह पूर्वानुमान जताया है।

आइएमडी के पूर्वानुमानों के मुताबिक पूरे उत्तर भारत के मैदानी इलाकों, मध्य भारत, दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर भारत में मार्च में तापमान में आधा डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हो सकती है। इस दौरान उत्तरी आंध्र प्रदेश में तापमान एक डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। देश के कई भागों में अभी से बढ़ते तापमान का असर महसूस किया जाने लगा है।

हालांकि, आइएमडी के वैज्ञानिकों का कहना है कि वो अभी डाटा का आकलन कर रहे हैं और इस महीने के आखिर तक ही अगले तीन महीने के लिए पूर्वानुमानों की घोषणा की जाएगी। अप्रैल में तापमान में औसत से एक डिग्री सेल्सियस की वृद्धि की संभावना है। वहीं, मई में डेढ़ डिग्री सेल्सियस।

राजस्थान, खासकर उसके पश्चिमी भाग में आमतौर पर सबसे ज्यादा गर्मी पड़ती है। पिछले साल मई में चुरू और उसके आस-पास के जिलों में पारा 50 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया था। देश में मई को सबसे ज्यादा गर्म महीने दर्ज किया गया था। इस साल भी मई में राजस्थान में तापमान के औसत से डेढ़ डिग्री ज्यादा चढ़ने का अनुमान है।

मौसम विभाग की ओर से जारी चेतावनी में कहा गया है कि इस साल भी मई में मध्य भारत, उत्तर भारत के मैदानी इलाकों और पूर्वी भारत में तापमान औसत से एक डिग्री सेल्सियस तक चढ़ सकता है। फ‍िलहाल 20 फरवरी से उत्‍तर भारत के कई इलाकों में बारिश शुरू हो सकती है। यही नहीं 21 फरवरी को बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।

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