अल नीनो की गर्मी से निपटने के लिए तेलंगाना सरकार की पहल, तालाब के डूब क्षेत्र में उगेगी फसल
तेलंगाना सरकार अल नीनो के 2027 में संभावित चरम प्रभाव से निपटने की तैयारी में जुट गई है। इसके तहत ...और पढ़ें

आंधी की तस्वीर (फाइल)
HighLights
अल नीनो के 2027 में चरम प्रभाव से निपटने की तैयारी।
तालाबों के डूब क्षेत्र में चारा उगाकर किसानों को राहत।
पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने, जलस्तर निगरानी पर जोर।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दुनिया इस वक्त अल नीनो से गर्मी बढ़ने का खतरा पैदा हो रहा है। वहीं तेलंगाना सरकार इसके खतरे से निपटने की तैयारी में जुट गई है।
तेलंगाना सरकार ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है ताकि जब अल नीना का प्रभाव फरवरी 2027 में चरम पर होगा तब इसके असर को कम किया जा सके।
क्यों कर रही सरकार तैयारी
सरकार अल नीनो के खतरे को कम करने की तैयारी में ये कदम उठा रही है। राज्य के मुख्य सचिव संजय जाजू ने बताया कि अन नीनो का प्रभाव फरवरी,2027 तक सबसे ज्यादा होने की संभावना है। अधिकारियों इस बाबत निर्देश जारी किए गए हैं कि अगले 15 से 20 दिनों के अंदर फसलों की सुरक्षा के लिए जो भी जरूरी कदम हैं उसे उठाएं ताकि किसी प्रकार की परेशानी किसानों को ना उठानी पड़े। इसके लिए सरकार तलाबों और झीलों वाले डूब क्षेत्र की जमीन पर चारा उपजाएगी। इसके लिए स्वयं सहायता समूह की मदद ली जाएगी। पशुपालन विभाग इसके लिए मुफ्त बीज समूह के सदस्यों को देगा।
क्या हो रही तैयारी
- तैयार फसल को बचाने की कोशिश
- पेयजल की उपलब्धता को सुनिश्चित करना
- पशुओं के चारे की कमी नहीं होना
हर 15 दिनों में होगी जांच
सिंगूर और मंजीरा जलाशयों में घटते जलस्तर के बीच मुख्य सचिव में अधिकारियों से अलर्ट रहने का आदेश दिया है। इसके तहत वो हर 15 दिनों में पानी की उपलब्धता की जांच की जाएगी। इससे कई इलाकों में पेयजल जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलगी। वहीं जमीन में पानी के स्तर गिरने से किसानों को भी परेशानी हो सकती है। बिजली रहने के बावजूद सिंचाई के लिए पानी नहीं मिलने से उन्हें नुकसान हो सकता है। इसके लिए कृषि, बिजली और सिंचाई विभागों को मिल कर एक्शन प्लान बनाने और अमल में लाने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही कई जिलों में नोडल अधिकारी भी तैनात किए जाएंगे।
