हैदराबाद, आइएएनएस। ऑटो रिक्शा में कोरोना संक्रमित का शव ले जाने वाला वीडियो सामने आने के दो दिन बाद निजामबाद सरकारी अस्पताल के सुपरिंटेंडेंट नागेश्वर राव ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने घटना के लिए नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए, चिकित्सा शिक्षा निदेशक को अपना इस्तीफा भेजा है। नागेश्वर राव ने लापरवाही के आरोपों से आहत होकर पद से इस्तीफा दिया है। उन्होंने अपने सहयोगियों को एक वॉयस मैसेज माध्यम से कहा कि वे लापरवाही के आरोपों से आहत हैं।

बता दें कि तेलंगाना में निजामबाद सरकारी अस्पताल में एक COVID -19 रोगी के शव को शुक्रवार को अस्पताल से किसी भी पर्यवेक्षण के बिना एक ऑटो-रिक्शा में कब्रिस्तान के लिए भेजा गया था। अस्पताल के कर्मचारियों ने COVID-19 पीड़ित के शव का अंतिम संस्कार करने के लिए प्रोटोकॉल का उल्लंघन करते हुए उसके रिश्तेदारों को शव सौंप दिया था। शव को शहर के सरकारी अस्पताल से कब्रिस्तान में स्थानांतरित किया जा रहा था। चूंकि अस्पताल में एंबुलेंस उपलब्ध नहीं थी, इसलिए शव को ऑटो रिक्शा से ही कब्रिस्तान तक ले जाया गया। ना तो ऑटो-रिक्शा चालक, मृतक का रिश्तेदार है, और ना ही उसके साथ बैठे नगरपालिका कर्मचारी ने निजी सुरक्षा उपकरण (पीपीई) पहने हुए थे।

घटना के सामने आने के बाद निजामबाद के जिला कलेक्टर सी. नारायण रेड्डी ने जांच के आदेश दिए हैं और कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे नगर निगम के कर्मचारी को बर्खास्त कर दिया है। कलेक्टर ने बताया कि मृतक के परिजन एंबुलेंस का इंतजार करने के लिए तैयार नहीं थे और उन्होंने ऑटो-रिक्शा में शव को ले जाने की अनुमति मांगी थी। चिकित्सा शिक्षा निदेशक रमेश रेड्डी ने अस्पताल के अधीक्षक को उन कर्मचारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने का निर्देश दिया है, जिन्होंने शव को ऑटो-रिक्शा में ले जाने की अनुमति दी थी।

इससे पहले भी अस्पताल की लापरवाही की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। पहले कोरोना के तीन मरीजों की ऑक्सीजन की पर्याप्त मात्रा नहीं मिलने के कारण मौत हो गई थी और अब इस वीडियो के सामने आने के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

Posted By: Neel Rajput

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस