फर्जी SMS भेजने के मामले में तीन टेलीमार्केटिंग फर्मों के खिलाफ मामला दर्ज, हेडर और टेम्प्लेट का गलत इस्तेमाल करने का आरोप
तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो ने तीन टेलीमार्केटिंग कंपनियों के खिलाफ धोखाधड़ी वाले SMS भेजने का मामला दर्ज किया है।

धोखाधड़ी वाले SMS भेजने पर तीन टेलीमार्केटिंग कंपनियों पर मामला दर्ज (सांकेतिक तस्वीर)

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डिजिटल डेस्क, हैदराबाद। तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो ने तीन टेलीमार्केटिंग कंपनियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इन कंपनियों पर आरोप है कि उन्होंने फाइनेंशियल सर्विस कंपनियों के रजिस्टर्ड हेडर और टेम्प्लेट का इस्तेमाल करके धोखाधड़ी वाले कमर्शियल SMS भेजे।
वैल्यूफर्स्ट डिजिटल मीडिया प्राइवेट लिमिटेड की शिकायत के बाद ओनेक्स्टेल लिमिटेड, निंबस ऐडकॉम प्राइवेट लिमिटेड और टीवीएल मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
यह शिकायत केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड औरनरीमन फिनवेस्ट प्राइवेट लिमिटेड के रजिस्टर्ड SMS हेडर और टेम्प्लेट के गलत इस्तेमाल से जुड़ी है। यह दोनों कंपनियां सरकारी हैं।
धोखाधड़ी वाले एसएमएस भेजे गए
शिकायत के अनुसार, दोनों कंपनियों के रजिस्टर्ड हेडर और टेम्प्लेट का गलत इस्तेमाल करके धोखाधड़ी वाले कमर्शियल SMS भेजे गए। वैल्यूफर्स्ट ने कहा कि उसकी इंटरनल जांच में पता चला कि दोनों घटनाओं में अनधिकृत या अनरजिस्टर्ड टेलीमार्केटिंग कंपनियां शामिल थीं।
शिकायत में निंबस ऐडकॉम प्राइवेट लिमिटेड को ओनेक्स्टेल लिमिटेड की अपस्ट्रीम रीसेलर टेलीमार्केटर और ओनेक्स्टेल को फाइनल डिलीवरी टेलीमार्केटर बताया गया है।
आरोप है कि वनएक्सटेल लिमिटेड, निम्बस एडकॉम प्राइवेट लिमिटेड और टीवीएल मीडिया प्राइवेट लिमिटेड ने डीएलटी पीई-टीएम स्क्रबिंग/हैश मैकेनिज्म का गलत इस्तेमाल किया। उन्होंने दूसरी कंपनियों के रजिस्टर्ड हेडर और टेम्प्लेट की नकल की और ग्राहकों को खतरनाक शॉर्ट लिंक वाले धोखाधड़ी भरे कंटेंट भेजे। डीएलटी हैश पर वे एक सही रजिस्टर्ड चेन की तरह दिख रहे थे।
VI ने की पुष्टि
शिकायत में ओनेक्स्टेल को दोनों मामलों में शामिल बताया गया है। नरीमन मामले में, वैल्यूफर्स्ट के रिकॉर्ड में ओनेक्स्टेल की पहचान हुई। शिकायत के अनुसार, वोडाफोन-आइडिया ने भी पुष्टि की कि वह फाइनल डिलीवरी टेलीमार्केटर थी।
केफिन मामले में, टीवीएल मीडिया को डिलीवरी टेलीमार्केटर के तौर पर पहचाना गया। शिकायत में कहा गया है कि टीवीएल मीडिया, ओनेक्स्टेल की ही एक ग्रुप कंपनी है और दोनों कंपनियों का नोएडा में एक ही रजिस्टर्ड पता है। नरीमन चेन में निम्बस ऐडकॉम को ओनेक्स्टेल की अपस्ट्रीम रीसेलर टेलीमार्केटर बताया गया है।
शिकायत के अनुसार, केफिन टेक्नोलॉजीज डीएलटी पर रजिस्टर्ड है और पांच अधिकृत टेलीमार्केटर्स और एग्रीगेटर्स के ज़रिए केएफआईएनटीएच और केएफआईएनएमएफ जैसे रजिस्टर्ड हेडर से निवेशकों को SMS भेजती है।
9 जुलाई को, बिना किसी सूचना के "केएफआईएनटीएच" हेडर को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया। बाद में केफिन को पता चला कि उसी दिन एक धोखाधड़ी वाला SMS भेजा गया था जिसमें उनका हेडर और एक खतरनाक शॉर्ट लिंक था।
प्लेटफॉर्म पर नहीं मिला संदेश
वैल्यूफर्स्ट के रिकॉर्ड में कोई लॉग नहीं मिला, जिससे यह साफ हुआ कि वह मैसेज उनकी चेन से नहीं भेजा गया था। डिलीवरी रिकॉर्ड के मुताबिक, इस फर्जी मैसेज को भेजने वाली टेलीमार्केटर कंपनी टीवीएल मीडिया प्राइवेट लिमिटेड थी, जो केफिन की अधिकृत सूची में शामिल नहीं थी और ओनेक्सटेल लिमिटेड से जुड़ी हुई थी।
शिकायत के अनुसार, 30 जुलाई को उसी गलत इस्तेमाल किए गए टेम्प्लेट का उपयोग करके एक और कथित धोखाधड़ी वाला मैसेज भेजा गया। शिकायत में कहा गया है कि इन घटनाओं के कारण जुलाई और अगस्त के दौरान टेलीकॉम और डीएलटी स्क्रबिंग स्तर पर केफिन के हेडर्स को बार-बार ब्लैकलिस्ट किया गया, जिससे निवेशकों को भेजे जाने वाले असली ओटीपी और ट्रांजैक्शनल अलर्ट में रुकावट आई।
30 जुलाई को भी इसी तरह एक फर्जी मैसेज भेजा गया। इन धोखाधड़ी वाली घटनाओं के कारण जुलाई और अगस्त के महीनों में केफिन के हेडर्स को बार-बार ब्लॉक कर दिया गया, जिसकी वजह से निवेशकों तक जरूरी ओटीपी और ट्रांजैक्शन संदेश समय पर नहीं पहुंच पाए।
नरिमन फिनवेस्ट से जुड़ा मामला
स्टॉकब्रोकिंग कंपनी नरिमन फिनवेस्ट प्राइवेट लिमिटेड जनवरी 2018 से वैल्यूफर्स्ट की एसएमएस सेवाओं का इस्तेमाल कर रही है। 3 अगस्त को इस कंपनी के रजिस्टर्ड हेडर का गलत इस्तेमाल करके एक फर्जी एसएमएस भेजा गया, जिसमें खतरनाक शॉर्ट लिंक था।
हालांकि वैल्यूफर्स्ट ने साफ किया कि ऐसा कोई मैसेज उनके प्लेटफॉर्म से नहीं भेजा गया था, लेकिन साथ में मौजूद हैश कोड उन्हीं की चेन का दिखा रहा था। बाद में वोडाफोन आइडिया ने खुलासा किया कि निम्बस एडकॉम प्राइवेट लिमिटेड इस मैसेज से जुड़ी रीसेलर कंपनी थी और ओनेक्सटेल अंतिम डिलीवरी टेलीमार्केटर थी।
इस धोखाधड़ी और डेटा के गलत इस्तेमाल को लेकर तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो ने भारतीय न्याय संहिता और आईटी अधिनियम की कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच चल रही है।
