संजय कुमार सिंह, भागलपुर। सैकड़ों तृप्त आंखें मानों अपनी दुआओं से फिर किसी और दहलीज पर जाने का नया हौसला दे रही हों, जहां कोरोना की दहशत के साये में एक मुस्कान बिखेरनी है। दैनिक जागरण की टीम किसी और जरूरतमंद की तलाश में निकल पड़ती है...। उप्र, बिहार, हरियाणा सहित देश के विभिन्न भागों में जनसहयोग की स्वस्फूर्त शृंखला तैयार हो चली है।

संकट की इस घड़ी में पत्रकारीय दायित्व का निर्वहन करते हुए जागरूकता की मुहिम। लोगों की जरूरतों को भी पूरा कर पाने की कोशिश में एक अपील भर पर जुड़ता समाज। यह उनके भरोसे की अनमोल पूंजी ही है। तो आइये बिहार के भागलपुर का रुख करें, जहां की यह तस्वीर जिसमें मां की गोद में चिपकी बच्ची खाने की थाली को भरोसे की उसी सहजता से ग्रहण कर रही है जिसे मानवीयता कहते हैं।

बरारी की मलिन बस्ती में सैकड़ों आंखों में झलक रही निश्छल मुस्कान इस मकसद को एक मुकाम दे जाती है। एक उदाहरण भर है, जब जागरण टीम हाथों में खाना लेकर ऐसी बस्तियों में पहुंचती है। गांव से शहर तक कोरोना की दहशत में लॉकडाउन के बीच लोगों की हरसंभव मदद का एकमात्र ध्येय लिए। पूर्व बिहार से लेकर कोसी-सीमांचल तक समाज के साथ से एक शृंखला बनती चली गई है।

ऐसे काम कर रही है यह शृंखला : गांव की पगडंडियों से लेकर शहर की गलियों तक पर नजर रख रहे दैनिक जागरण के अनेक संवाददाता-छायाचित्रकार एक-एक सूचना एकत्र करते चलते हैं। कहां किस बात की कमी है, कहां किस चीज की आवश्यकता आन पड़ी है। समाज के हर तबके के लोगों का एक ग्रुप बनाया गया है। खाना हो या राशन या दवाएं, संबंधित स्नोतों से इसे सुनिश्चित किया जाता है। सूचना मिली नहीं कि तत्काल उपलब्ध माध्यम से वहां तक राहत पहुंचाई जाती है। ईस्टर्न बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स, गौशाला समिति, युवा मारवाड़ी समाज, वी केयर, केंद्रीय रेलवे यात्री संघ, जीवन जागृत सोसाइटी से लेकर जनप्रतिनिधियों तक का साथ इसमें मिलता जा रहा है। इसी के बूते ही जागरण की यह अपील प्रासंगिक हो रही है किकोरोना को हराना है!

कोरोना संदिग्धों पर भी नजर : अब तक दो हजार से ज्यादा लोगों तक भोजन-पानी, सैकड़ों कर्मयोगियों (बता दें कि दैनिक जागरण अपने उन अग्रणी सहयोगियों को, जो आपके घरों तक आपका जागरण अबाध पहुंचाते हैं, कर्मयोगी कह संबोधित सम्मानित करता है) को राशन मुहैया कराने से लेकर जरूरतमंदों को अस्पताल तक पहुंचाने की निरंतर मुहिम जारी है। इस पर भी नजर कि किसी भी कोरोना संदिग्ध के बारे में प्रशासन को तत्काल जानकारी दी जाए। कई परिवारों को जांच व उपचार के लिए आवश्यक सहायता इस रूप में मुहैया कराई जा रही है।

महिलाओं की चिंता : गर्भवती महिलाओं की समस्याएं, उनका चेकअप जैसे कई सवाल थे। जागरण के पत्रकारों के साथ संगिनी क्लब की सदस्य भी मैदान में कूद पड़ीं। टीम ने इसके लिए भी एक चेन बनाई। सदस्यों ने घूम-घूमकर ऐसी जरूरतमंद महिलाओं का नाम दर्ज किया। परामर्श के लिए डॉक्टर भी आ रहे हैं। संगिनी क्लब भी राहत कार्य में जुटा हुआ। कड़ी-दर-कड़ी जुड़ती चली जा रही है, पर शारीरिक दूरी बनाते हुए।

इस संकट की घड़ी में जरूरतमंदों की मदद से बड़ा कार्य और कुछ भी नहीं। दैनिक जागरण हर सही सूचना तो दे ही रहा है, जागरण की पूरी टीम का मानवीय दृष्टिकोण औरों को भी प्रेरित कर रहा है। इस संकट की घड़ी में हम पूरी तरह इस मुहिम के साथ हैं। 

- विष्णु खेतान, अध्यक्ष, केंद्रीय रेलवे रेल यात्री संघ

कोरोना के इस दौर में दैनिक जागरण ने लोगों के मन में जागृति पैदा की है। राहत वितरण कार्य तक में जागरण परिवार के पत्रकारों का उत्साह सराहनीय है। अभी जो हालात हैं, उसमें रिस्क लेकर कर्तव्य पथ पर डटे रहना आसान नहीं है। इस मुहिम में चैंबर ऑफ कॉमर्स जागरण के साथ कदम से कदम मिलाकर चलता रहेगा। -अशोक भिवानीवाला, अध्यक्ष, ईस्टर्न बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स

Posted By: Sanjay Pokhriyal

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