यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 02, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
शिक्षक ने दसवीं की छात्रा का बालविवाह रोका, 3 सालों में रोके हैं 10 बालविवाह
जब प्रधानाध्यापक को दुल्हन का नाम सुना तो उन्हें पता चला कि युवती उनके स्कूल के छात्रा हैं, जिसने लगातार स्कूल में अच्छा एकेडमिक प्रदर्शन किया है।

कोलकाता (जेएनएन)। दक्षिण 24 परगना के मथुरापुर के एक स्कूल के प्रधानाध्यापक ने हाल ही में अपने यहां की क्लास दसवीं के एक छात्रा की शादी रुकवाकर समाज में एक मिसाल कायम की है। इस संबंध में उन्होंने लड़की के पिता को समझाया और युवती का बालविवाह करने से रोका।
लेकिन प्रधानाध्यापक चंदन कुमार मैती अभी तक चिंतित हैं। उनका कहना है कि "ये एक साल में पांचवा बाल विवाह है जिसे मैंने रोका है और पिछले तीन सालों में ये दसवां ऐसा मामला है। सभी लड़कियां मेरे स्कूल की छात्रा हैं।" उन्होंने आगे कहा, "बाल विवाह की घटना गांव में काफी चलन में है।"
जानकारी के अनुसार, यह छात्रा मथुरापुर के लालपुर गांव की है। प्रधानाध्यापक मैती अपने पूर्व छात्रों के साथ रविवार को अपने कृष्णचंद्रपुर हाईस्कूल परिसर में नियमित रूप वॉकिंग कर रहे थे। परिसर में ही उनका क्वार्टर भी स्थित है, जहां वह उन युवाओं से मिले थे, उन्होंने ही प्रधानाध्यापक को कहा कि वे सोमवार को एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए लालपुर जा रहे हैं।
जब प्रधानाध्यापक को दुल्हन का नाम सुना तो उन्हें पता चला कि युवती उनके स्कूल के छात्रा हैं, जिसने लगातार स्कूल में अच्छा एकेडमिक प्रदर्शन किया है। वह अगले साल होने वाले माध्यमिक परीक्षा देने वाली है। इसके बाद मैती उस युवती के घर जाकर उसके पिता से मिले और कहा कि यदि वे इस शादी को नहीं रोकेंगे तो वे पुलिस को बुलायेंगे। इसके बाद उस युवती की शादी रोक दी गई।
यह भी पढ़ें : पहाड़ में अब गमबूट पहनकर धान की रोपाई करेंगी महिलाएं
