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तवांग में 14वें अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट का उद्घाटन, पूर्वोत्तर के पर्यटन को वैश्विक पहचान दिलाने पर जोर

Published: Thu, 29 Oct 2026 09:35 PM (IST)Updated: Thu, 29 Oct 2026 10:43 PM (IST)

अरुणाचल प्रदेश के तवांग में 14वें अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट का उद्घाटन हुआ, जिसका उद्देश्य पूर्वोत्तर की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देना है।

तवांग में 14वें अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट का भव्य उद्घाटन

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माला दीक्षित, तवांग। अरुणाचल प्रदेश के तवांग में गुरुवार को पूर्वोत्तर क्षेत्र के 14वें अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट (आईटीएम) का उद्घाटन हुआ। भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की ओर से अरुणाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों के सहयोग से आयोजित इस तीन दिवसीय आयोजन का उद्देश्य पूर्वोत्तर की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और साहसिक पर्यटन की संभावनाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देना है।

इस आयोजन में पर्यटन क्षेत्र से जुड़े घरेलू और विदेशी खरीदारों, विक्रेताओं, उद्यमियों और अन्य हितधारकों के शामिल होने से कारोबारी साझेदारी को मजबूत करने के अवसर मिलेंगे।

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तवांग में 14वें अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट का भव्य उद्घाटन

इस मौके पर केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि पर्यटन केवल किसी स्थल को देखने के लिए नहीं है बल्कि ये संस्कृतियों को जोड़ता है और विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास होता है।

उद्घाटन कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रेमा खांडू व सिक्कम के मुख्यमंत्री तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए।

शेखावत ने उद्धघाटन संबोधन में पूर्वोत्तर की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन की संभावनाओं को उकेरते हुए कहा कि भारत की विविधिता ही भारत की शक्ति है। और इस भारत की अद्भुद विविधिता का सबसे सुंदर स्वरूप अगर हमें कहीं देखने को मिलता है तो वो है हमारा पूर्वोत्तर भारत।

ये वो धरती है जहां प्रकृति अपने पूर्ण सौन्दर्य के साथ उपस्थित है। जहां हिमालय पर्वत न केवल भारत के सुरक्षा प्रहरी के रूप में अपितु हमारी सांस्कृतिक विरासत के प्रहरी के रूप में उपस्थिति है जहां बौद्ध परंपराएं शांति और साथ साथ में यहां के लोकल कम्युनिटी की संस्कृति, प्रकृति की यहां अनुपम सुंदरता और ये सब मिलकर के एक ऐसी अनुभव रचना करती हैं जिसका शब्दों में पूरी तरह से बयान नहीं किया जा सकता।

प्रेस से बातचीत में केंद्रीय पर्यटन मंत्री और अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने सवालों के जवाब भी दिए। अरुणाचल प्रदेश में बार्डर पर तनाव के संबंध में पूछे गए एक सवाल के जवाब में शेखावत ने स्पष्ट कहा कि ये तय मान कर रखिये ये नरेन्द्र मोदी का भारत है यहां सीमाएं सुरक्षित हैं और किसी तरह की चिंता की बात नहीं है। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने भी कहा कि टुरिजम के नजरिये से स्थिति सामान्य है।

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पूर्वोत्तर की प्राकृतिक सुंदरता, संस्कृति को बढ़ावा देना लक्ष्य

अरुणाचल में बार्डर टुरिजम के बारे में पूछे गए सवाल पर प्रेमा खांडू ने कहा कि वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम है उसमें जिला प्रशासन भारतीय सेना के साथ और बार्डर में आईटीबीपी है तो ये तीनों एजेंसी मिल कर फारवर्ड एरिया में जो टुरिजम संभावनाएं हैं उनको डेवलप किया जा रहा है।

तवांग जिले में बहुत अच्छा स्थान है होली वाटर फाल वो बौद्धिजम की एक आध्यत्मिक स्थल है। उस एरिया को बहुत अच्छे से विकसित किया गया है। वो बार्डर के पास है और वहां बहुत से लोग जाते हैं। वहां हजारों टुरिस्ट रोजाना जाते हैं। वहां आर्मी स्टेशन है, आइटीबीपी है और प्रशासन भी है। इस तरह अरुणाचल प्रदेश में बाडर एरिया काफी सुंदर है।

कार्यक्रम में नॉर्थ ईस्ट बाजार का उद्घाटन और क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को प्रदर्शित करने वाली प्रस्तुतियां भी आयोजित की गईं। पर्यटन मंत्रालय के इस वार्षिक प्रमुख आयोजन में 200 से अधिक प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है। इनमें 22 देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले 43 अंतरराष्ट्रीय खरीदार शामिल हैं।

ऑस्ट्रेलिया, भूटान, फ्रांस, जर्मनी, जापान, इटली, मलेशिया, रूस, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, श्रीलंका, थाईलैंड, ब्रिटेन और अमेरिका सहित कई देशों के प्रतिनिधि इसमें हिस्सा ले रहे हैं। पूर्वोत्तर के आठों राज्यों के पर्यटन सेवा प्रदाता और विक्रेता भी इस मंच पर अपने पर्यटन उत्पादों और सेवाओं को प्रस्तुत करेंगे।

मार्ट में अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा के पर्यटन स्थलों तथा विशेष आकर्षणों को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके साथ ही क्षेत्र के संयुक्त पर्यटन सर्किट और पर्यटन उत्पादों की जानकारी भी दी जाएगी, ताकि पर्यटक एक ही यात्रा में पूर्वोत्तर के विभिन्न स्थलों का अनुभव कर सकें।

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केंद्रीय मंत्री शेखावत, मुख्यमंत्री खांडू ने सीमा सुरक्षा पर बात की

आयोजन के तहत 30 अक्टूबर को कारोबार से कारोबार (बी2बी) बैठकें होंगी। इनमें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तथा पर्यटन सेवा प्रदाताओं के बीच संवाद कराया जाएगा। इसका उद्देश्य कारोबारी सहयोग बढ़ाना, नए पर्यटन उत्पाद विकसित करना और क्षेत्र के पर्यटन उद्यमियों को बाजार तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराना है।

तकनीकी सत्रों में पूर्वोत्तर में लाइव कार्यक्रमों और संगीत समारोहों से जुड़ी अर्थव्यवस्था विकसित करने तथा संरक्षित और प्रतिबंधित क्षेत्रों में पर्यटकों की पहुंच सुगम बनाने जैसे विषयों पर चर्चा होगी। रॉयल एनफील्ड की ओर से अनुभव आधारित पर्यटन की संभावनाओं पर भी प्रस्तुति दी जाएगी।

प्रतिनिधियों के लिए तवांग मठ, जसवंत गढ़ युद्ध स्मारक, जंग जलप्रपात, बुद्ध पार्क और पीटीएसओ झील सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों के भ्रमण की योजना बनाई गई है। अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के लिए परिचयात्मक पर्यटन यात्राएं एक नवंबर से गुवाहाटी से शुरू होंगी।

तवांग में 13 साल बाद इस आयोजन का दोबारा होना भी महत्वपूर्ण है। यहां वर्ष 2013 में दूसरा अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट आयोजित हुआ था। इसका पिछला संस्करण नवंबर 2025 में सिक्किम के गंगटोक में हुआ था।