बरेली। बरेली के मौलाना और इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के मुखिया तौकीर रजा के आम आदमी पार्टी [आप] के खुले समर्थन में आने के बाद कांग्रेस ने उनपर बरेली में दंगा भड़काने का आरोप लगाया तो रजा भी भड़क गए। उन्होंने कांग्रेस पर सवाल दागते हुए कहा है कि जब वह कांग्रेस के साथ थे तब उन्हें यह आरोप ध्यान में क्यों नहीं आए थे। गौरतलब है कि बरेली में दंगों के दौरान तौकीर रजा को गिरफ्तार भी किया गया था।

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एक चैनल पर बात करते हुए तौकीर रजा ने बरेली में दंगे कराने के आरोपों को भी बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि मुझपर लगाए जा रहे सारे आरोप झूठे हैं और बीजेपी साजिश के तहत बदनाम करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कांग्रेस पर भी सवाल उठाए। तौकीर रजा ने कहा कि उन्होंने 2009 में कांग्रेस का साथ दिया था। उस वक्त कांग्रेस को मेरे ऊपर लगे आरोप याद नहीं आए उस वक्त मेरी वजह से कांग्रेस ने 22 सीटें जीती थीं।

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तौकीर रजा की पार्टी फिलहाल उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के साथ है। यूपी सरकार ने भी उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा दिया हुआ है। उनका कहना है कि वह अरविंद केजरीवाल के पक्ष में प्रचार कर सकते हैं। अपना और केजरीवाल की लड़ाई का मकसद एक बताते हुए उन्होंने कहा कि हम दोनों सांप्रदायिकता और करप्शन के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। हालांकि अरविंद केजरीवाल साफ कर चुके हैं कि आम आदमी पार्टी का रजा की पार्टी से कोई गठबंधन नहीं हुआ है, मगर रजा का कहना है कि वह जरूरत पड़ने पर दिल्ली में केजरीवाल के लिए प्रचार कर सकते हैं।

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