'राष्ट्रगान को नहीं मिला सम्मान', नाराज होकर विधानसभा से बाहर निकले तमिलनाडु के राज्यपाल
तमिलनाडु के राज्यपाल आर एन रवि विधानसभा सत्र से बाहर चले गए। उन्होंने तमिल एंथम के बाद राष्ट्रगान बजाने की ...और पढ़ें

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। तमिलनाडु सरकार और राज्यपाल आर एन रवि के बीच एक बार फिर नोंक-झोंक की खबरें सामने आ रही हैं। आर एन रवि विधानसभा सत्र को बीच में छोड़कर बाहर चले गए। उन्होंने तमिल एंथम के बाद राष्ट्रगान बजाने की मांग की थी, जिसे स्पीकर अप्पावु ने मानने से इनकार कर दिया। ऐसे में आर एन रवि सदन को संबोधित किए बिना ही कार्रवाई का बहिष्कार कर दिया।
राज्यपाल ने तीसरी बार सदन का बहिष्कार किया है। इससे पहले उन्होंने 2024 और 2025 में भी भाषण नहीं दिया था। तमिलनाडु लोकभवन ने प्रेस रिलीज जारी करते हुए इस पूरे मामले की जानकारी दी है।
राज्यपाल ने क्या कहा?
तमिलनाडु विधानसभा में राज्यपाल आर एन रवि ने कहा, "मुझे बहुत दुख है कि राष्ट्रीय गान को सम्मान नहीं दिया जा रहा है। ये दुर्भाग्य है कि संबोधन में बाधा पड़ी है। मैं अपनी जिम्मेदारियों से भलीभांति अवगत हूं। मगर, राष्ट्रीय गान को पूरा सम्मान मिलना चाहिए।"
Lok Bhavan, Tamil Nadu, issues a press release informing of the reasons why Governor RN Ravi walked out of the assembly before delivering his inaugural address.
— ANI (@ANI) January 20, 2026
The release says, "The Governor’s mic was repeatedly switched off, and he was not allowed to speak... Atrocities… pic.twitter.com/GOj6D7jWnF
स्पीकर ने दी सफाई
राज्यपाल की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए तमिलनाडु के स्पीकर अप्पावु ने कहा, "विधानसभा में सिर्फ विधायकों को अपने विचार साझा करने की अनुमति होती है। कोई और अपने विचार नहीं थोप सकता है। सरकार ने राज्यपाल के संबोधन की तैयारी कर रखी थी।"
मेरा माइक बंद किया गया: राज्यपाल
हालांकि, राज्यपाल आर एन रवि का कहना है, "मेरा माइक बंद कर दिया गया और मुझे बोलने नहीं दिया गया। इससे मुझे अपमानित महसूस हुआ है।"
(समाचार एजेंसी एएनआई और पीटीआई के इनपुट के साथ)
