नई दिल्‍ली, एएनआइ। पाकिस्‍तान एक बार फिर अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर भारत को बदनाम करने के चक्‍कर में खुद की फजीहत कर बैठा है। इस बार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान नियाजी (Imran Khan Niazi) ने बांग्लादेश का एक वीडियो जारी किया और इसे भारत का बताया। इस वीडियो में पुलिस बल को मुस्लिम युवकों की पिटाई करते हुए दिखाया गया था। भारत की ओर से झूठे वीडियो को लेकर इमरान खान को माकूल जवाब दिया गया है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने भी इमरान के द्वारा पोस्ट की गई वीडियो पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया कि ऐसा फर्जीवाड़ा पाकिस्तान की तरफ से बार-बार होता है। इसमें कोई नई बात नहीं है।

सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि एक बार फिर पाकिस्‍तान ने झूठ बोला है। उन्‍होंने ट्वीट किया, 'उत्‍तर प्रदेश में यूपी पुलिस का मुस्लिमों के खिलाफ में अभियान। फिर किया अपराध। पुरानी आदतें मुश्किल से जाती हैं।' इससे पहले यूपी पुलिस ने भी इमरान के इस ट्वीट पर जवाब देते हुए बताया कि वीडियो उत्तर प्रदेश का नहीं है। उधर, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने भी इमरान के इस फर्जीवाड़े पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘फर्जी खबर ट्वीट करो। पकड़े जाओ। ट्वीट डिलीट करो। फिर से वही काम करो।’

दअरसल, इमरान खान ने भारत को बदनाम करने के लिए उन्होंने उत्तर प्रदेश में मुस्लिम समुदाय के साथ पुलिस की कथित ज्यादती के नाम पर सोशल मीडिया पर फर्जी वीडियो पोस्ट किया। इसके तुरंत बाद उत्तर प्रदेश पुलिस और भारत के ट्विटर यूजर्स ने इमरान के फर्जीवाड़े की पोल खोल दी। इस मामले पर चारों तरफ से हो रही किरकिरी के बाद आखिरकार पाकिस्तानी प्रधानमंत्री को अपनी पोस्ट को डिलीट करना पड़ा।

गौरतलब है कि इमरान खान जिस वीडियो को उत्तर प्रदेश में संशोधित नागरिकता कानून (CAA) और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (NRC) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस बर्बरता के सबूत के तौर बताने की कोशिश कर रहे थे, वास्तव में वह बांग्लादेश का एक पुराना वीडियो है। ऐसा लगता है कि इमरान खान का आईटी सेल फिर चूक गया और प्रधानमंत्री को एक पुराना वीडियो नया बताकर चिपका दिया और देश की चिरकिरी करा बैठे।

Posted By: Tilak Raj

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