किशोर न्याय अधिनियम के 10 साल पूरे, सुप्रीम कोर्ट में आज से दो दिवसीय राष्ट्रीय परामर्श
सुप्रीम कोर्ट किशोर न्याय अधिनियम, 2015 के क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए दो दिवसीय राष्ट्रीय परामर्श आयोजित कर रहा है।

सुप्रीम कोर्ट में किशोर न्याय अधिनियम पर दो दिवसीय राष्ट्रीय परामर्श
HighLights
सुप्रीम कोर्ट में किशोर न्याय अधिनियम पर दो दिवसीय राष्ट्रीय परामर्श
अधिनियम 2015 के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की जाएगी
अगले दशक में बाल संरक्षण प्रणाली को मजबूत करने पर जोर
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट शनिवार और रविवार को दो दिवसीय राष्ट्रीय परामर्श आयोजित करेगा। इसमें किशोर न्याय अधिनियम, 2015 के क्रियान्वयन की समीक्षा की जाएगी और अगले दशक में बाल संरक्षण प्रणाली को मजबूत करने के लिए चुनौतियों और प्राथमिकताओं की पहचान की जाएगी।
भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत यहां सुप्रीम कोर्ट परिसर में आयोजित होने वाले इस परामर्श का उद्घाटन करेंगे। इसका आयोजन सुप्रीम कोर्ट की किशोर न्याय समिति, यूनीसेफ के सहयोग से कर रही है।
सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, इस आयोजन में सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के न्यायाधीश, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और बाल अधिकार विशेषज्ञ शामिल होंगे।
वे कानून के क्रियान्वयन में हुई प्रगति और बच्चों के लिए न्याय तक पहुंच बेहतर करने के तरीकों पर विचार-विमर्श करेंगे।
उद्घाटन सत्र में प्रधान न्यायाधीश किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 से जुड़े सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के ऐतिहासिक फैसलों का संकलन जारी करेंगे। इसमें 2015 से सितंबर 2026 तक के फैसले शामिल हैं।
(न्यूज एजेंसी पीटीआई क इनपुट के साथ)
