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'...तो हम धरने पर बैठ जाएंगे', दिल्ली HC के पास सड़कों की खराब हालत पर भड़के सुप्रीम कोर्ट के जज

Published: Sat, 17 Oct 2026 04:25 PM (IST)

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के पास सड़क सुरक्षा की खराब स्थिति पर केंद्र सरकार और अधिकारियों को फटकार ...और पढ़ें

जजों ने काम न होने पर धरने की चेतावनी दी।

जजों ने काम न होने पर धरने की चेतावनी दी।

HighLights

  1. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली HC सड़क सुरक्षा पर फटकारा।

  2. अधिकारियों को 25 नवंबर तक का अल्टीमेटम दिया।

  3. जजों ने काम न होने पर धरने की चेतावनी दी।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली हाई कोर्ट के पास सड़क सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं को लेकर केंद्र सरकार पर तंज कसा। कोर्ट ने अधिकारियों की फटकार लगाते हुए उन्हें 25 नवंबर तक का अल्टीमेटम दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा अगर 25 नवंबर तक ठोस कदम नहीं उठाए गए तो हम खुद हाई कोर्ट के मुख्य गेट के पास धरने पर बैठ जाएंगे।

काम पूरा होने तक धरने पर बैठेंगे

सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों की फटकार लगाते हुए कहा, 'अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो हम दोनों (जेबी पारदीवाला और केवी विनोद चंद्रन) दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य गेट पर बैठ जाएंगे और तब तक घर नहीं जाएंगे, जब तक आप काम पूरा नहीं कर लेते । यह भी पक्का है हम आपकों भी घर नहीं जाने देंगे।'

सुप्रीम कोर्ट ने भले ही हल्के फुल्के अंदाज में ये टिप्पणी की थी, लेकिन यह टिप्पणी ऐसे समय में की गई है जब दिल्ली में कई मुद्दों को लेकर अलग-अलग विरोध प्रदर्शन हो रहा है।

एमिकल क्यूरी को शामिल करने का सुझाव

एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने बेंच सुनवाई के दौरान बेंच को बताया कि एक समिति इस मामले की जांच कर रही है और उन्होंने उच्च स्तर के अधिकारियों से बात भी की है।

कोर्ट ने एक उच्च-स्तरीय समिति की जरूरत पर सवाल उठाये और सुझाव दिया कि एमिकस क्यूरी को शामिल किया जाए, ताकि मौके पर मौजूद सटीक समस्याओं की पहचान की जा सके और समाधान खोजने में मदद मिल सके।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला दिल्ली हाई कोर्ट के पास मथुरा रोड पर स्थित क्रॉसिंग पर सड़क सुरक्षा से जुड़ा है। यहां पर्याप्त ट्रैफिक प्रबंधन और पैदल चलने वालों की सुरक्षा के इंतजाम न होने को लेकर कोर्ट ने चिंता जताई है।

बेंच ने साफ कर दिया कि अधिकारियों को सिर्फ समितियों में चर्चा करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि अगली सुनवाई से पहले जरूरी जमीनी काम पूरा कर लेना चाहिए।

कोर्ट ने चेतावनी दी कि अगर तय समय सीमा के अंदर कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया, तो मुख्य सचिव को ASG के साथ कोर्ट में पेश होना पड़ेगा। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 25 नवंबर की तारीख तय की है।