जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने असम में राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) में नाम शामिल करने का दावा पेश करने की समयसीमा 31 दिसंबर तक बढ़ा दी है। इसके साथ ही कोर्ट ने दावों की जांच पड़ताल की तिथि भी एक फरवरी से बढ़ा कर 15 फरवरी कर दी है। दावा पेश कर ने की तारीख 15 दिसंबर को खतम हो रही थी।

ये आदेश मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई व न्यायमूर्ति आरएफ नारिमन की पीठ ने राज्य सरकार की अर्जी पर सुनवाई के बाद दिये। असम सरकार ने अर्जी दाखिल कर कोर्ट से समय सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया था। कोर्ट ने सभी संबंधित अथॉरिटीज को नयी तिथि के मुताबिक काम करने का निर्देश दिया गया है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि गलत तरीके से एनआरसी में शामिल होने से रह गये लोगों को दावा पेश करने के लिए ड्राफ्ट एनआरसी की कापी सभी संबंधित लोगों को जांच पड़ताल (इंस्पेक्शन) के लिए सुविधाजनक जगह उपलब्ध कराई जाए।

जैसे कि ड्राफ्ट एनआरसी की कापी जिलाधिकारी, उपायुक्त, उपखंड अधिकारी, सर्किल आफिस और ग्राम पंचायतों में उपलब्ध कराई जाए। हालांकि कोर्ट ने कहा है कि आपत्तियां और दावे सिर्फ जिला मुख्यालय में ही दाखिल किये जाएंगे। कोर्ट ने एक अर्जी में की गई प्रार्थना और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए एनआरसी अथारिटी को निर्देश दिया है कि वह कानूनी पाये जाने और संतुष्ट होने पर लिस्ट बी के दस्तावेज भी स्वीकार करें।

इससे पहले असम राज्य की ओर से पेश सालिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट से दावे पेश करने और उनकी जांच की तिथि बढ़ाने का आग्रह करते हुए कहा कि एनआरसी से बाहर हो गई 40.70 लाख लोगों में से 14.28 लाख लोगों ने दावा दाखिल किया है। जिसमें से ज्यादातर लोगों ने पिछले दो महीनों में दावा पेश किया है। ऐसे में समयसीमा एक महीने के लिए बढ़ाई जाए।

 

Posted By: Sachin Bajpai

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