विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

राहुल गांधी के खिलाफ याचिका पर सुनवाई को तैयार सुप्रीम कोर्ट, गर्भवती महिला पत्रकार को धक्का देने का आरोप

Published: Fri, 16 Oct 2026 09:35 PM (IST)

सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर एक गर्भवती महिला पत्रकार को धक्का देने के आरोप वाली अर्जी पर सुनवाई के लिए सहमति जताई है।

News Article Hero Image
timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उस अर्जी पर सुनवाई करने पर सहमति जताई, जिसमें आरोप लगाया गया है कि 12 अक्टूबर को शीर्ष अदालत तक निकाले गए कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के मार्च के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक गर्भवती महिला पत्रकार को धक्का दिया था।

वरिष्ठ वकील गौरव भाटिया ने सुबह प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और जोयमाल्या बाग्ची की पीठ के समक्ष इस अर्जी का जिक्र किया और उसे सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने की मांग की। भाटिया ने कहा सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायालयों में मार्च और जुलूसों पर प्रतिबंध के मामले में लंबित याचिका में ही यह अर्जी दाखिल की गई है।

उन्होंने कहा कि अदालत परिसर में एक महिला पत्रकार के साथ धक्का मुक्की की गई। वह पत्रकार तीन महीने की गर्भवती थी। पीठ ने उनकी दलीलों पर अर्जी पर अन्य मामलों के साथ 26 या 27 अक्टूबर को सुनवाई करने की सहमति जताई।

मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट में पहले से ही एक याचिका लंबित है जिसमें कांग्रेस और विपक्षी दलों के सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने और कोर्ट परिसर में नारेबाजी आदि करने का मुद्दा उठाया गया है। याचिका में राहुल गांधी, अखिलेश यादव, कांग्रेस पार्टी आदि को पक्षकार बनाया गया है।

गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर नोटिस जारी किया था उस समय भी गौरव भाटिया ने महिला पत्रकार को धक्का देने का मुद्दा उठाया था तब कोर्ट ने कहा था कि वह इस संबंध में अर्जी दाखिल करें तब सुनवाई होगी।

शुक्रवार को याचिकाकर्ता दिगंद मिश्रा की ओर से अपनी याचिका में ही यह नयी अर्जी दाखिल की गई है और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की गई है

कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में दुकानों को बंद किये जाने का मुद्दा उठा कोर्ट में

सीजेपी के कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में लहरा दो तिरंगा मार्च की घोषणा के चलते सेंट्रल मार्केट में दुकानें बंद होने और दुकानदारों व फेरी वालों की रोजी रोटी प्रभावित होने का मुद्दा शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में उठाया गया।

एक वकील ने चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष सेंट्रल मार्केट बंद होने का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे छोटे दुकानदारों की रोजी रोटी प्रभावित हो रही है। हालांकि कोर्ट ने मामले पर तत्काल सुनवाई की हामी नहीं भरी और मामले पर 26 अक्टूबर को सुनवाई की बात कही।

पीठ ने त्योहार के मौसम में छोटे व्यापारियों की आजीविका से जुड़ी चिंताओं को साझा करते हुए कहा कि अगर राज्य की ओर से कोई गैर कानूनी कार्रवाई की जाती है, तो संविधान के तहत इसके लिए उपाय मौजूद हैं।

जिसमें पब्लिक लॉ (लॉ ऑफ टार्ट्स) के तहत मुआवजा पाना भी शामिल है। इसके बाद कोर्ट ने मामले पर सुनवाई के लिए 26 अक्टूबर की तिथि तय कर दी।