नई दिल्ली, प्रेट्र। अधिवक्ता कल्याण कोष में अपने बकाए का भुगतान नहीं करने पर 5970 वकीलों के लाइसेंस निलंबित करने की तमिलनाडु एवं पुडुचेरी बार काउंसिल की अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा।

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने एक वकील की इस दलील पर संज्ञान लिया कि इस याचिका को तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए, क्योंकि यह देश भर की अदालतों में वकालत के लिए पांच हजार से अधिक वकीलों के लाइसेंस निलंबित करने से जुड़ी है।

पीठ ने कहा, 'अदालत शुक्रवार को इस मामले को सूचीबद्ध करेगी।' पीठ में न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना भी शामिल हैं।

हाल ही में, तमिलनाडु और पुडुचेरी बार काउंसिल ने 22 मार्च को अधिवक्ता कल्याण कोष का अपना बकाया जमा नहीं करने पर 5970 वकीलों को निलंबित कर दिया था। ऐसे में इस तरह के सभी वकील बकाया जमा तक किसी अदालत या अधिकरण के सामने वकालत नहीं कर सकते।

Posted By: Bhupendra Singh