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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 14, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की व्हाट्सएप की 2021 की गोपनीयता नीति की CCI जांच को चुनौती देने वाली याचिका

By AgencyEdited By: Krishna Bihari Singh
Published: Fri, 14 Oct 2022 09:44 PM (IST)Updated: Fri, 14 Oct 2022 09:59 PM (IST)

सुप्रीम कोर्ट ने मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक की एक याचिका को खारिज कर दी। इस याचिका में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ...और पढ़ें

याचिका में व्हाट्सऐप की अपडेटेड गोपनीयता नीति की जांच के आदेश को चुनौती दी गई थी।
याचिका में व्हाट्सऐप की अपडेटेड गोपनीयता नीति की जांच के आदेश को चुनौती दी गई थी।

नई दिल्‍ली, पीटीआइ। उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक (Facebook) और व्हाट्सऐप (WhatsApp) की मूल कंपनी मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक को बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (Competition Commission of India, CCI) की ओर से जारी की गई व्हाट्सऐप की 2021 की अपडेटेड गोपनीयता नीति (WhatsApp updated privacy policy) की जांच के आदेश को चुनौती दी गई थी।

CCI की कार्यवाही को नहीं रोका जा सकता

न्यायमूर्ति एमआर शाह (Justices MR Shah) और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया (Justices Sudhanshu Dhulia) की पीठ ने कहा कि सीसीआई (Competition Commission of India, CCI) एक स्वतंत्र प्राधिकरण है। ऐसे में सीसीआई की ओर से शुरू की गई कार्यवाही को रोका नहीं जा सकता है। इसके साथ ही सर्वोच्‍च न्यायालय (Supreme Court) ने सीसीआई (Competition Commission of India, CCI) की ओर से जारी की गई जांच को बरकरार रखने वाले दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दाखिल की गई याचिकाएं खारिज कर दी।

सभी पक्षों की दलीलें सुनी

उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) की पीठ ने कहा कि हमने सभी पक्षों की दलीलें सुनी। इन दलीलों पर गौर करने के बाद अदालत को लगता है कि इस मसले पर न्‍यायिक दखल की आवश्यकता नहीं है। 2002 के प्रतिस्पर्धा अधिनियम के तहत प्रविधानों के उल्लंघन पर विचार करने के लिए सीसीआई (Competition Commission of India, CCI) एक स्वतंत्र प्राधिकरण है... अत: सीसीआई (Competition Commission of India, CCI) को प्रतिस्पर्धा कानून के कथित उल्लंघनों की छानबीन से नहीं रोका जा सकता है।

टिप्पणि‍यों को प्रथम दृष्टया माना जाना चाहिए

उच्चतम न्यायालय की पीठ ने कहा कि शीर्ष अदालत (Supreme Court) की टिप्पणि‍यों को प्रथम दृष्टया माना जाना चाहिए। मालूम हो कि इस मामले में दिल्‍ली हाईकोर्ट ने 28 सितंबर को मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक की याचिका को खारिज कर दिया था। मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक की याचिका में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (Competition Commission of India, CCI) की ओर से व्हाट्सऐप की 2021 की अपडेटेड गोपनीयता नीति (WhatsApp updated privacy policy) की छानबीन के आदेश को चुनौती दी गई थी।  

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