नई दिल्ली, प्रेट्र। उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को केंद्र से कहा कि वह पूर्वी दिल्ली के आनंद विहार में स्मॉग टावर लगाने का काम जल्द-से-जल्द शुरू करे, जिसका उद्देश्य वायु प्रदूषण से निपटने में मदद करना है। न्यायमूíत अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सूचित किया कि स्मॉग टॉवर की स्थापना में 10 महीने का समय लगेगा और अधिकारी इस समय सीमा को कम कर पाने में असमर्थ होंगे। इस पर पीठ ने कहा कि यह ठीक है। लेकिन काम जल्द-से-जल्द शुरू होना चाहिए।

शीर्ष अदालत ने मेहता को 10 अगस्त को समय सीमा के बारे में अवगत कराने के लिए कहा। अदालत ने यह भी बताने को कहा कि स्मॉग टावर की स्थापना का काम कब शुरू किया जाएगा। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल ने पीठ को बताया कि परियोजना कार्य की निगरानी आइआइटी, बांबे द्वारा की जाएगी, जबकि सरकार द्वारा धन उपलब्ध कराया जाएगा। 

30 जुलाई को केंद्र ने सुप्रीम को सूचित किया था कि स्मॉग टॉवर की स्थापना के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) तैयार किया गया है और जल्द ही इस पर विभिन्न पक्षों द्वारा हस्ताक्षर किया जाएगा। शीर्ष अदालत ने पहले केंद्र से सवाल किया था कि 13 जनवरी के आदेश के अनुसार, क्यों न परियोजना को तीन महीने के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया जाए? अदालत ने पहले स्मॉग टावर परियोजना में आइआइटी, बांबे का सहयोग लेने पर आश्चर्य प्रकट किया था और कहा था कि उसे इस तरह के संस्थान के इसमें शामिल होने की उम्मीद नहीं थी।

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