नई दिल्ली, प्रेट्र। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल अगस्त में सुनाए गए अपने फैसले पर पुनर्विचार की याचिका मंगलवार को खारिज कर दी। इस फैसले में सर्वोच्च अदालत ने गुजरात हाई कोर्ट के 2012 के फैसले को खारिज कर दिया था जिसमें उसने 2002 में गोधरा घटना के बाद हुए दंगों के दौरान क्षतिग्रस्त धार्मिक स्थलों के पुनर्निर्माण के लिए राज्य सरकार को मुआवजा देने का आदेश दिया था।

प्रधान न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा और जस्टिस आरके अग्रवाल की पीठ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के पिछले साल 29 अगस्त के फैसले पर पुनर्विचार की मांग संबंधी याचिका सुनवाई के योग्य नहीं है। अदालत ने अपने पूर्व फैसले का हवाला देते हुए कहा कि करदाताओं के धन का इस्तेमाल धार्मिक स्थलों की मरम्मत के लिए नहीं किया जा सकता। पिछले साल के अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार की उस योजना को स्वीकार कर लिया था जिसमें उसने दंगों के दौरान क्षतिग्रस्त मंदिर-मस्जिद समेत सभी धार्मिक स्थलों को 50 हजार रुपये तक सहायता राशि प्रदान करने की बात कही थी। दंगों में क्षतिग्रस्त मकानों के लिए भी राज्य सरकार ने यही योजना बनाई थी। राज्य सरकार ने इसके लिए कुछ शर्ते भी लगाईं। मसलन; धार्मिक स्थल सड़क के बीच में या अनधिकृत नहीं होना चाहिए और उनकी क्षति के बारे में पूर्व में एफआइआर दर्ज कराई गई हो।

Posted By: Manish Negi